
राजनांदगांव : जनगणना के साथ बच्चों को स्कूल से जोड़ने पहल…
राजनांदगांव , भारत की जनगणना 2026-27 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य राज्य में 1 मई से 30 मई तक संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम टेडेसरा में सुपरवाइजर विकास वासनिक के नेतृत्व में छह प्रगणक अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जनगणना देश का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य है, जिसमें अनुभवी कर्मियों की भूमिका अत्यंत अहम मानी जाती है। जनगणना के तहत प्रगणक घर-घर जाकर 34 प्रश्नों से संबंधित जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इनमें परिवार के मुखिया का नाम, शौचालय की व्यवस्था, नल एवं बिजली की सुविधा, मकान की स्थिति, एलपीजी कनेक्शन, नालियों की व्यवस्था, वाहनों की जानकारी आदि शामिल हैं। इन सभी सूचनाओं को मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल रूप में दर्ज किया जा रहा है। ग्राम टेडेसरा के नागरिक भी उत्साहपूर्वक जनगणना कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
इसी दौरान अंग्रेजी विषय की शिक्षिका पारुल चतुर्वेदी, जो वर्ष 2005 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं, अपनी विशेष भूमिका निभा रही हैं। जनगणना में प्रगणक के रूप में ड्यूटी मिलने पर उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न मानकर एक सामाजिक अवसर के रूप में स्वीकार किया। 1 मई से लगातार गांव में भ्रमण करते हुए वे जनगणना कार्य के साथ-साथ बच्चों को सरकारी स्कूलों से जोड़ने का भी प्रयास कर रही हैं।
योजनाओं व सुविधाओं की जानकारी विस्तार से दे रहीं गांव में अनेक बच्चे निजी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। पारुल चतुर्वेदी पिछले कई दिनों से पालकों को सरकारी विद्यालयों में संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दे रही हैं। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को निशुल्क गणवेश, निशुल्क पाठ्य पुस्तकें, मध्यान्ह भोजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा संगीत शिक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्राम टेडेसरा के शासकीय विद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत बच्चों को संगीत की शिक्षा भी दी जा रही है तथा उनसे संबंधित परीक्षाएं भी कराई जा रही हैं, ताकि आगे करियर बना सकें।


