छत्तीसगढ़

बीजापुर मुठभेड़ अपडेट: 18 नक्सली मारे गए, जंगल से बरामद हुए शव, पहचान प्रक्रिया जारी

By Admin|04 Dec 2025, 1:05 PM
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बीजापुर

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगल में मारे गए नक्सलियों की संख्या 18 हो गई है. इन सभी के शवों को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है. आसपास के इलाके की सर्चिंग अभी जारी है. इन सभी नक्सलियों के शवों की पहचान भी पुलिस कर रही है. पहचान होने के बाद एसपी नामों का खुलासा करेंगे. इधर इस मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर को भी बीजापुर लाया गया. जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है. 

दरअसल बुधवार को बीजापुर जिले के केशकुतुल के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें पहले तो मारे गए नक्सलियों की संख्या 12 बताई जा रही थी. लेकिन जब इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग की तो 18 नक्सलियों के शव यहां से  बरामद हुए. इतनी बड़ी संख्या में एक साथ नक्सलियों का एनकाउंटर पुलिस की फिर से बड़ी उपलब्धि है. इन सभी शवों की पहचान की जा रही है. 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर मुठभेड़ में शहीद होने वाले तीन जवानों को श्रद्धांजलि दी है। गुरुवार को राजधानी रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बात की। इस दौरान सीएम साय ने नक्सल मुठभेड़ में मिली सफलता और जवानों की शहादत पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं। हमारे जवान मजबूती के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ रहे हैं। 

सीएम साय ने कहा, "कल ऑपरेशन में डीआरजी के तीन जवान शहीद हुए। हम उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, उनके साहस को नमन करते हैं। भगवान उनके परिवार को इस शोक को सहने की  शक्ति प्रदान करें। ऐसी प्रार्थना करते हैं और बड़ी सफलता मिली है।"

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रात भर चली मुठभेड़, 6 और माओवादी मारे गए

रात भर चली मुठभेड़ के बाद छह और माओवादी मारे गए हैं। मारे गए 18 माओवादियों के शव के पास से मिले एके–47, एसएलआर, इंसास, एलएमजी और .303 राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद मिले हैं। इन हथियारों को लेकर जवान मुख्यालय की ओर लौट रहे हैं। मारे गए माओवादियों के शवों की औपचारिक पहचान की प्रक्रिया जारी है।

डीआरजी के तीन जवान बलिदान
बता दें कि इस भीषण मुठभेड़ में डीआरजी के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी बलिदान हुए हैं। दो घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। इधर, बीजापुर पुलिस लाइन में माहौल भावुक है। बलिदान जवानों को अंतिम सलामी देने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लाइन में पहुंच चुके हैं। सर्च ऑपरेशन अभी भी क्षेत्र में जारी है और अतिरिक्त बल तैनात कर पूरे इलाके सुरक्षित कर लिया गया है।

इस इलाके को कहा जाता रहा है माओवादियों की राजधानी
उत्तर बस्तर माड़ का इलाका माओवादियों का सबसे सुरक्षित किला रहा है। इसे उनकी राजधानी भी कहा जाता रहा है। इसके बाद पश्चिम बस्तर में इंद्रावती रिजर्व टाइगर एरिया तथा सीमावर्ती घने जंगल भी लंबे समय तक उनके लिए सुरक्षित ठिकाने रहे हैं। अब केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक माओवादियों के समूल खात्मे के संकल्प के बीच सुरक्षा बलों के निर्णायक आक्रामक अभियान ने माओवादियों का आखरी किला भी ढहा दिया है।

बस्तर में वर्ष 2025 में 255 माओवादी मारे गए
बीजापुर से सुकमा-आंध्र व दंतेवाड़ा के सरहदी जंगलों में तगड़ी घेरेबंदी के चलते भूमिगत माओवादी जवानों का निशाना बन रहे हैं। बुधवार को दंतेवाड़ा सीमा पर केशकुतूल में हुई मुठभेड़ में बड़े काडर के माओवादी ढेर हुए हैं।

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माओवाद विरोधी अभियान के दौरान संगठन के शीर्ष नेताओं समेत दुर्दात कमांडर हिडमा के मारे जाने के बाद माओवादी संगठन रेत की तरह बिखरने लगा है। बस्तर में वर्ष 2025 में 255 माओवादी मारे गए, इनमें 236 माओवादियों के शव मिले।

2024 में 239 माओवादी मारे गए थे
2024 में 239 माओवादी मारे गए थे, जिनमें 217 के शव मिले थे। दो वर्ष में 494 माओवादी मारे गए। जिनमें 453 के शव मिले। अन्य माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि माओवादियों ने अपने पत्र में की है। बड़ी संख्या में पीएलजीए समेत आनुसांगिक संगठनों से जुड़े माओवादी हथियार समेत पुनर्वास कर रहे हैं। वहीं शेष बचे जान बचाने माओवादी माड़ के गलियारे से आंध्र की ओर भागने की फिराक में हैं, लेकिन सुरक्षा बलों के तगड़ी घेराबंदी के चलते वे बस्तर से नहीं निकल पा रहे हैं।

वर्ष 2025 में मिली बड़ी सफलताएं

  •     31 माआवादी मारे गए कर्रेगुट्टा अभियान में।
  •     31 माओवादी मारे गए 09 फरवरी को बीजापुर में
  •     26 माओवादी मारे गए 20 मार्च को बीजापुर में।
  •     17 माओवादी मारे गए 29 मार्च को सुकमा में।
  •     18 माआवादी मारे गए 16 जनवरी को बीजापुर में।

शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि 

बीजापुर में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में DRG के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू मोहन बड़डी, शहीद आरक्षक दुकारू गोंडे और  जवान रमेश सोड़ी   बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त हुए हैं. इन जवानों को अंतिम सलामी बीजापुर–गंगालूर मार्ग पर स्थित  पुलिस लाइन शहीद वाटिका परिसर में श्रद्धांजलि दी गई. 

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मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का वादा किया है। इसी वजह से सुरक्षाबल लगातार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन कर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकारों ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कई योजनाएं भी बनाई हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में साल 2025 में हुए मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या करीब 275 पहुंच गई है। बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में 246 नक्सली मारे गए हैं। 27 नक्सली रायपुर क्षेत्र के गरियाबंद में और दुर्ग क्षेत्र के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2 नक्सली मारे गए हैं।

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