मध्य प्रदेशराज्‍य

ईंधन बचत की दिशा में कदम, सीएम मोहन यादव के काफिले में कम हो सकती हैं गाड़ियां

By Admin|13 May 2026, 10:16 AM
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 भोपाल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल उपयोग का उपयोग कम करने की अपील का असर मध्य प्रदेश सरकार में दिखने लगा है। राज्य सरकार ने तय किया है कि अब शासकीय कार्यों में उपयोग के लिए निजी एजेंसी के माध्यम से पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को टैक्सी के रूप में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने काफिले में से वाहनों की संख्या कम कर सकते हैं। इसके अलावा वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों की विदेश यात्रा पर भी रोक लगा रखी है।

मुख्यमंत्री के काफिले में बदलाव की तैयारी

मुख्यमंत्री के काफिले में लगभग 13 गाड़ियां हैं। इसमें से पांच से छह गाड़ियां कम की जा सकती हैं। सुरक्षा के हिसाब से कुछ वाहन काफिले में खाली चलते हैं, इन्हें कम किया जा सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जहां भी दौरे पर जाते हैं उनके स्वागत के लिए वाहनों से जुटने वाली भीड़ पर भी रोक लगाई जा सकती है। इस बीच, वन विभाग और पुलिस को छोड़कर सभी विभागों में नए वाहन क्रय करने पर रोक लगा दी गई है।

खर्चों में कटौती के सख्त निर्देश

जल्द ही कम खपत वाले वाहनों के उपयोग के निर्देश जारी किए जाएंगे। वित्त विभाग यह भी निर्धारित करने जा रहा है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का कितना और कब उपयोग हो, जल्द ही इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रियों से कहा है कि पेट्रोल-डीजल के मद में खर्च कम करें और खुद के खर्चों में भी कटौती करें।
मंत्रियों के काफिले पर स्थिति

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केवल जनता से पेट्रोल-डीजल के किफायती उपयोग की अपील की जा रही है, लेकिन मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या घटाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को मिलाकर कुल 30 मंत्री हैं। मंत्रियों के काफिले में तीन से चार वाहन चलते हैं। स्टेट गैराज से इन्हें वाहन आवंटित होता है और पेट्रोल-डीजल भी मिलता है।

 

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