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सरकारी इमारतों में सोलर पैनल लगाने की पहल तेज, मंत्री शुक्ला बोले- लोगों को करना होगा जागरूक

By Admin|12 May 2026, 9:05 PM
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सौर ऊर्जा अपनाएं, भविष्य बचाएं

शासकीय भवनों में रेस्को मॉडल से सोलर पैनल लगाने के लिए जागरूकता जरूरी : मंत्री शुक्ला

जिला पंचायत भोपाल में शासकीय संस्थाओं और रेस्को विकासक इकाइयों के मध्य हुए विद्युत क्रय अनुबंध

भोपाल

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निरंतर ईंधन (फ्यूल) और ऊर्जा बचाने का आहवान किया गया है। हमें दृढ़ संकल्प के साथ इस दिशा में काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप शासन और प्रशासन को एक साथ मिलकर ग्रीन एनर्जी की ओर शिफ्ट होना होगा। मंत्री शुक्ला मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में प्रदेश के विभिन्न विभागों के शासकीय भवनों में सोलर रूफ़टॉप संयंत्र स्थापना के लिये शासकीय संस्थाओं व रेस्को विकासक इकाइयों के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

मंत्री शुक्ला ने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि हमारी 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय ऊर्जा से होनी चाहिए और मध्यप्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आमजनों में जागरूकता लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आने वाले समय में हर घर की छत पर सोलर पैनल नजर आने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि कि रेस्को पद्धति के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में समय पर भुगतान एवं उचित मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाएं।

रेस्को एक महत्वपूर्ण बचत योजना

अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि रेस्को योजना शून्य निवेश, पहले दिन से बचत और नेट जीरो की ओर बढ़ने का एक सशक्त माध्यम है। यह शासन के लिए एक महत्वपूर्ण बचत योजना है। उन्होंने कहा कि यह एक साझेदारी का प्रोजेक्ट है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे ही कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किए जाएंगे।

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समय पर भुगतान पर मिलेगी छूट

प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रेस्को पद्धति से 3.78 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली जनरेट होगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्परता से बेहतर प्रबंध कर कार्य करने के निर्देश दिए। एमडी बैंस ने बताया कि बिजली बिलों का भुगतान 3 से 10 तारीख के बीच करने पर भुगतान राशि में 1 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है, जबकि देरी से भुगतान करने पर 1.5 प्रतिशत की पेनल्टी लगाई जाएगी।

शासकीय कार्यालय बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में बनेंगे सहभागी

योजना के सफल एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। शासकीय कार्यालय इस मॉडल को अपनाकर न केवल आर्थिक बचत करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपना अहम योगदान देंगे। बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।

 

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