छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : जो जैसा है उसके साथ वैसा ही व्यवहार होता है : श्रेयांशप्रभ…

By kadwaghut|21 Aug 2026, 10:48 AM
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राजनांदगांव , जैन बगीचा स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय भवन में अपने नियमित चातुर्मासिक प्रवचन में गुरुवार को खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य मुनि श्रेयांशप्रभ सागर ने कहा कि हम खुद के जीवन के बारे में ही कुछ नहीं कह सकते तो फिर हमें किसी को सही और गलत कहने का क्या अधिकार है। हमें किसी को गलत ठहराने का बिल्कुल भी अधिकार नहीं है। जो जैसा होता है उसके साथ वैसा ही व्यवहार होता है।

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मुनि ने कहा कि हम किसी व्यक्ति को बिना सोचे समझे गलत ठहरा देते हैं जबकि यह अधिकार हमारे पास है ही नहीं। हमारी इतनी योग्यता नहीं है कि हम किसी को गलत कह सकें। कहा कि हमारे पास जीवन का ठिकाना नहीं है और हम अच्छा बुरा में ही लगे रहते हैं। हमें इस ऒर से ध्यान हटाकर हमारे अंतिम लक्ष्य मोक्ष की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। कहा कि साधु-संत आपको मार्ग बताते हैं।

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