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नया सिस्टम लाएगा पारदर्शिता, रियल एस्टेट में बढ़ेगा भरोसा और निवेश

By Admin|04 May 2026, 11:42 AM
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नोएडा

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उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में प्रॉपर्टी से जुड़े लेनदेन को पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब यहां किसी भी प्लॉट या संपत्ति की पूरी जानकारी जैसे बकाया राशि, आवंटन की तारीख, क्षेत्रफल, लोकेशन और विभागीय देनदारियां घर बैठे एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। नोएडा प्राधिकरण ने जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित यह प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही वेबसाइट पर लाइव किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल आम खरीदारों और विक्रेताओं को राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी नोएडा में निवेश करना अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन जाएगा।

GIS सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा
नोएडा प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया GIS सिस्टम शहर की संपत्तियों का डिजिटल डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इसमें यूजर प्लॉट नंबर डालते ही संबंधित प्लॉट का प्रकार, सेक्टर, क्षेत्रफल और अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से देख सकेगा।

इससे प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना आसान होगा और किसी भी तरह की अनिश्चितता कम होगी।

बकाया और NOC से जुड़े झंझट होंगे आसान
नोएडा में अधिकतर संपत्तियां लीज पर होती हैं और उनके ट्रांसफर के लिए ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम (TM) प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें प्रॉपर्टी ट्रांसफर तभी संभव होता है, जब मूल आवंटी का पूरा बकाया साफ हो और उसे एनओसी जारी हो।

GIS सिस्टम के जरिए अब प्रॉपर्टी पर बकाया राशि और अन्य देनदारियों की जानकारी पहले से उपलब्ध होगी, जिससे खरीदार धोखाधड़ी से बच सकेंगे और ट्रांसफर प्रक्रिया भी तेज होगी।

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रियल टाइम डेटा से निवेशकों को मिलेगा भरोसा
प्राधिकरण के अनुसार, इस सिस्टम में रेसिडेंशियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल प्रॉपर्टी का डेटा रियल टाइम में अपडेट किया जा रहा है। इससे निवेशकों को सटीक और ताजा जानकारी मिलेगी, जो निवेश के फैसलों को अधिक सुरक्षित बनाएगी।

हालांकि, ग्रुप हाउसिंग प्रॉपर्टी को अभी पूरी तरह रियल टाइम नहीं किया जा सका है, क्योंकि कई सोसाइटियों में रजिस्ट्री प्रक्रिया अधूरी है। इसे भी जल्द सिस्टम में शामिल करने की तैयारी है।

सैटेलाइट मैप से दिखेगी शहर की पूरी तस्वीर
GIS प्लेटफॉर्म में सैटेलाइट मैपिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे यूजर शहर की भौगोलिक स्थिति को समझ सकेगा। फिलहाल इसमें वर्ष 2022 तक का डेटा उपलब्ध है, जिसे लगातार अपडेट किया जा रहा है।

यूजर्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर GIS लिंक के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

रियल एस्टेट और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
नोएडा प्रदेश के राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में यह सिस्टम विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। पारदर्शी डेटा उपलब्ध होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी।

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