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मास्टर प्लान बनने तक मुजफ्फरपुर में जमीन रजिस्ट्रेशन पर सख्ती, लोगों की बढ़ी चिंता

By Admin|27 Apr 2026, 9:41 PM
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मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है. राज्य सरकार ने टाउनशिप के मास्टर प्लान तैयार होने तक जमीन की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर 30 जून 2027 तक रोक लगा दी है. इस फैसले का असर जिले के 76 राजस्व गांवों पर पड़ेगा, जहां अब निर्धारित अवधि तक जमीन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा.

पहले तैयार होगा मास्टर प्लान
यह कदम बिहार सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के 11 प्रमुख शहरों में आधुनिक सुविधाओं से लैस नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाने हैं. सरकार का मानना है कि बिना योजना के जमीन की खरीद-बिक्री से भविष्य में विकास कार्यों में बाधा आ सकती है, इसलिए पहले मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.

ये गांव होंगे प्रभावित
मुजफ्फरपुर में जिन इलाकों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें मुख्य रूप से कांटी, कुढ़नी, मरवन और मुसहरी प्रखंड के कई गांव शामिल हैं. कांटी क्षेत्र के रोशनपुर, बंगरा, मधोपुर मछिया, पानापुर करियात, रसूलपुर करियात, काबिलपुर और शंभूपुर भोज जैसे गांव इस सूची में हैं. वहीं कुढ़नी प्रखंड के मोथौर, गौरेया, खड़ौना डीह, तारसन किशुनी, मधौल, लदौरा, सुमेरा और डुबाही सहित कई अन्य गांव भी प्रभावित होंगे.

मरवन प्रखंड के बड़ी संख्या में गांव जैसे भटौना, मंसूरपुर, खलीलपुर, रायपुरा, गोपालपुर, मधुबन और कोदरिया निजामुद्दीन को भी इस रोक के दायरे में रखा गया है. इसके अलावा मुसहरी प्रखंड के परमानंदपुर, धरमपुर, चौसीवान, पताही और खबड़ा क्षेत्र के कुछ गांव भी शामिल हैं.

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कोई खुश, कोई दुखी
इस निर्णय के बाद जमीन कारोबार से जुड़े लोगों और स्थानीय निवासियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. जहां कुछ लोग इसे भविष्य के सुनियोजित विकास के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, वहीं कई जमीन मालिक और बिचौलिये इससे परेशान हैं, क्योंकि इससे फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह ठप हो गई है.

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनने से मुजफ्फरपुर का शहरी विस्तार बेहतर तरीके से होगा, ट्रैफिक दबाव कम होगा और लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. मास्टर प्लान तैयार होने के बाद ही आगे की जमीन अधिग्रहण और विकास प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

 

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