उत्तर प्रदेशराज्‍य

महिला सामर्थ्य योजना से अवध में डेढ़ हजार से ज्यादा गांवों का कायाकल्प

By Admin|24 Apr 2026, 9:11 PM
f X W

लखनऊ. 
योगी सरकार की महिला सामर्थ्य योजना अवध क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने वाली बड़ी पहल बनकर उभरी है। अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कानपुर नगर के डेढ़ हजार से अधिक गांवों में इस योजना के तहत एक लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं हैं। वहीं, लखनऊ, उन्नाव और बाराबंकी में योजना का विस्तार किया जा रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि इस पहल के जरिए एक लाख से अधिक महिलाएं डेयरी नेटवर्क से जुड़ चुकीं हैं और अब तक 1380 करोड़ रुपये से अधिक सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर भी किए जा चुके हैं।

Advertisement
Advertisement

मुख्यमंत्री का फोकस : आत्मनिर्भर महिला, सशक्त परिवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती ही मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की नींव है। महिला सामर्थ्य योजना इसी सोच का विस्तार है, जहां महिलाओं को उत्पादन से लेकर बाजार और भुगतान तक सीधे जोड़ा गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनीं महिलाएं
अवध क्षेत्र के इन जिलों में आज महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रहीं हैं। रोज करीब 4 लाख लीटर दूध का संग्रह इस बात का प्रमाण है कि डेयरी अब केवल परंपरागत काम नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक गतिविधि बन चुकी है। यह नेटवर्क गांव-गांव में रोजगार, आय का नया आधार तैयार कर रहा है।

व्यवसाय की रफ्तार : 8000 से एक लाख पार का सफर
मार्च 2023 में 340 गांवों और 8000 महिलाओं से शुरू हुआ यह अभियान आज 1550 गांवों और एक लाख से भी अधिक महिलाओं तक पहुंच चुका है। दुग्ध व्यवसाय का तेजी से हुआ यह विस्तार दर्शाता है कि योगी सरकार की योजनाएं अब सीधे जमीन पर असर डाल रही हैं।

READ ALSO  माओवाद से साइबर अपराध तक, झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 7.5 महीने में 113 माओवादी गिरफ्तार

बिचौलिया खत्म, सीधे खाते में पैसा जाने से बढ़ा भरोसा
योजना की सबसे बड़ी ताकत है डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी)। महिलाओं को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में मिल रहा है, जिससे पर्ची-खर्ची और बिचौलिया तंत्र पूरी तरह खत्म हो गया है। इस पारदर्शिता ने महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है।

सुल्तानपुर की अनीता वर्मा बनीं सफलता का मॉडल
सुल्तानपुर के दूबेपुर ब्लॉक के मुकुंदपुर गांव की अनीता वर्मा इस योजना की सफलता की सशक्त मिसाल हैं। दो गायों से उन्होंने छोटा सा प्रयास शुरू किया। गत वर्ष उन्हें  करीब साढ़े छह लाख रुपये का भुगतान हुआ है। उनकी कहानी न सिर्फ आर्थिक बदलाव की है, बल्कि यह दिखाती है कि सही अवसर और समय पर योजनाओं का लाभ मिलने पर ग्रामीण महिलाएं कैसे अपने परिवार और समाज का भविष्य बदल सकती हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins