छत्तीसगढ़

नक्सलवाद पर विधानसभा में गरजे डिप्टी CM विजय शर्मा, बोले- बस्तर बदल रहा, विकास की रफ्तार तेज

By Admin|15 Jul 2026, 12:21 PM
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रायपुर.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता सरकार के मजबूत संकल्प, जनभागीदारी और विकास आधारित रणनीति का प्रतिफल है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार के सहयोग एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि एक समय पूरे देश के लगभग 80 प्रतिशत माओवादी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थे, जिनमें से लगभग 75 प्रतिशत केवल नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जिलों में केंद्रित थे। वर्षों तक नक्सल हिंसा के कारण हजारों परिवार प्रभावित हुए।

उन्होंने बताया कि माओवादियों द्वारा लगभग 2040 आम नागरिकों की हत्या की गई। कई मामलों में अपराध दर्ज तक नहीं हो पाए थे, जिन्हें अब पंजीबद्ध कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में भय का ऐसा वातावरण था कि परिवार अपने घरों को सुरक्षित रखने के लिए 13-14 वर्ष के बच्चों तक को माओवादियों के हवाले करने को विवश हो जाते थे। आज वही क्षेत्र भयमुक्त होकर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

‘सरकार नहीं, संकल्प बदला’
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में न तो सरकारी तंत्र बदला और न ही अधिकारी बदले, बल्कि बदला तो सरकार का संकल्प। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा बलों को पूरी स्वतंत्रता और विश्वास के साथ कार्य करने का अवसर दिया, जिसका परिणाम आज पूरे देश के सामने है।

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कांग्रेस पर तीखा हमला
विजय शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस केवल बयानबाजी करती रही, जबकि आंकड़े सच्चाई बयान करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में केंद्र से अधिक संसाधन और वित्तीय सहायता मिलने के बावजूद नक्सलवाद पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने झीरम घाटी नरसंहार के आरोपियों को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन्होंने लोकतंत्र पर हमला किया, ऐसा हिड़मा और माओवादियों को किसी भी रूप में आदर्श नहीं बनाया जा सकता।

समाज की भागीदारी बनी सबसे बड़ी ताकत
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंड, हल्बा, भतरा, मुरिया, माड़िया सहित सभी समाजों के प्रमुखों ने जंगलों तक पहुंचकर युवाओं को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। अक्टूबर 2025 में हुए बड़े पुनर्वास अभियान में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि बीजापुर जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोसा, पत्रकारों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी आत्मसमर्पण अभियान को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत जिन पंचायतों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े सभी लोग आत्मसमर्पण कर ग्राम सभा द्वारा इसकी घोषणा की जाती है, वहां एक करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं।

सुरक्षा और विकास साथ-साथ
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के सहयोग से 118 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। डीआरजी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ सहित सभी सुरक्षा बलों ने उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि एनटीआरओ की आधुनिक तकनीक, नई मशीनों और बेहतर समन्वय के कारण सुरक्षा अभियानों को नई मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि जिन सुरक्षा कैंपों का कभी नक्सलियों के डर से ग्रामीण विरोध किया करते थे, आज वही कैंप अस्पताल, स्कूल, आंगनबाड़ी, खेल परिसर और विकास के केंद्र बन चुके हैं। लोग अपने गांवों में कैम्प खुलवाने की मांग लेकर मेरे पास आया करते थे। आने वाले समय में 70 सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

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सड़क, बैंक, आवास और डिजिटल सेवाओं से बदली तस्वीर
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से लंबित पीएमजीएसवाई की 220 किलोमीटर लंबी 93 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है तथा शेष सड़कों पर तेजी से कार्य चल रहा है। पीएमजीएसवाई-4 के तहत बस्तर के लिए विशेष प्रावधान कर 100 लोगों की आबादी वाले क्षेत्रों में भी सड़कें स्वीकृत कराई गई हैं। जगरगुंडा और किस्ताराम जैसे क्षेत्रों में बैंक खुले हैं, मुख्यमंत्री बस सेवा पहुंची है, हजारों आवास स्वीकृत हुए हैं और हजारों लोगों के लिए विशेष शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाया गया हैं।

पुनर्वास से बदल रही जिंदगी
उन्होंने कहा कि सरकार ने पुनर्वास नीति को और अधिक प्रभावी बनाया है। समूह आत्मसमर्पण पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई है तथा आत्मसमर्पित युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘सुनो नक्सली हमारी बात’ अभियान के तहत नक्सल पीड़ित युवाओं को दिल्ली ले जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात कराई गई तथा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पीड़ा देश के सामने रखी।

बस्तर के भविष्य पर जताया भरोसा
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर का भविष्य अब बंदूक नहीं बल्कि विकास, शिक्षा, खेल और सहकारिता तय करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बस्तर के युवा अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करेंगे और बस्तर का गांव-गांव समृद्धि की नई कहानी लिखेगा। उन्होंने लोगों से जंगलों और विकास कार्यों को लेकर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से बचने की भी अपील की।

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