मध्य प्रदेशराज्‍य

कटनी और ढीमरखेड़ा में बाल विवाह रुकवाए, जिला प्रशासन की टीम की तत्परता से बड़े हादसे टले

By Admin|22 Apr 2026, 12:42 PM
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जिला प्रशासन की टीम की सजगता और सतर्कता से रूका बाल विवाह, कटनी शहर में 1 और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में हो रहे 2 बाल विवाह को प्रशासन ने रूकवाया

कटनी
अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर संभावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा गठित कोर ग्रुप पूरे जिले सतर्क और सजग रहा। जिससे जिला प्रशासन की की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए, कटनी शहर और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में बाल विवाह की गुप्त सूचना मिलने पर फौरी तौर पर पहुंचे अधिकारियों की टीम ने दोनों स्थानों में हो रहे 3 बाल विवाह को रुकवाया और परिजनों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

कलेक्टर  तिवारी के निर्देश पर इस साल संभावित बाल विवाह पर रोक लगाने एक सशक्‍त, समन्वित और बहुस्‍तरीय व्‍यापक कार्ययोजना के तहत संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कोर टीम का गठन किया गया और जिला व विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर निगरानी तंत्र को पुख्ता और मजबूत कर पैनी नजर रखी गई। इसी वजह से समय रहते प्रशासन की सजगता से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने में कामयाबी मिली।

संयुक्त कार्यवाही
महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना प्राप्त हुई कि कटनी के आधार कॉप में एक 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह किया जा रहा है। सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं कोतवाली थाना की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम द्वारा बालिका एवं बालक के आयु सम्बन्धी दस्तावेजों की जाँच कर पाया गया कि बालिका की आयु 16 वर्ष है और बालक की आयु 22 वर्ष है। अधिकारियों द्वारा परिजनों, बारातियों, बैंड, कैटरिंग कर्मियों,कैमरा मैन को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह बाल विवाह है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। संयुक्त टीम के परामर्श उपरांत परिजन बालिका के 18 वर्ष के होने के उपरांत विवाह करने पर सहमत हो गये ।संयुक्त टीम में निधि पटेल, पर्यवेक्षक, रजनीश सोनी, महिला एवं बाल विकास, सुनील सिंह, कोतवाली थाना आदि सम्मिलित रहे।

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ढीमरखेड़ा में रोके गये दो बाल विवाह

विकासखंड ढीमरखेड़ा में ग्राम
संकुई के दो 21 वर्ष से कम आयु के बालकों का विवाह किया जा रहा था। बालकों का विवाह जिन बालिकाओं से तय हुआ था,।उनमें से एक बालिका ग्राम पिपरिया सहलावन की थी, जिसकी आयु 19 वर्ष थी। वहीं दूसरी बालिका जो ग्राम बरेली की थी कि ,आयु 20 वर्ष पाई गई। अंजना पटेल, पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम द्वारा दोनो बालकों के परिजनों को समझाया गया कि विवाह के लिए वर की वैधानिक आयु 21 वर्ष है। इससे कम आयु में बालक का विवाह करना कानूनन अपराध है। मौके पर टीम द्वारा पंचनामा भी तैयार किया गया। परिजनों द्वारा बालकों की आयु 21 वर्ष होने पर विवाह करने की सहमति दी गई।

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