मध्य प्रदेशराज्‍य

धार के पुल की मरम्मत के लिए डेढ़ साल तक बंद, वाहनों को 5 किमी का अतिरिक्त मार्ग अपनाना होगा

By Admin|20 Apr 2026, 4:42 PM
f X W

धार 

Advertisement
Advertisement

मप्र सड़क विकास निगम धार जिले के घाटाबिल्लौद से गुजरने वाली चंबल नदी पर बने ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। भोपाल की फर्म के माध्यम से ब्रिज का निर्माण करवाया जाएगा। ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होते ही चंबल नदी के पुल से वाहनों का अवागमन बंद हो जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर से होकर रतलाम-नीमच-मंदसौर जाने वाले लोगों पर होगा। निर्माण प्रारंभ होते ही इस रूट के लोगों को 5 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर नेशनल हाईवे इंदौर- अहमदाबाद के मार्ग का उपयोग करके लेबड़ तक आना होगा।

विभाग द्वारा मार्ग डायवर्सन प्लान बनाया गया है, जिसमें नेशनल हाईवे के ब्रिज से होकर पानखेड़ी और लेबड़ तक जाया जा सकेगा। इसको लेकर डायवर्सन प्लान अनुमति के लिए जिला प्रशासन को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही प्लान पर काम शुरू हो जाएगा।

40 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे:

चंबल नदी पर वर्तमान में सिंगल पट्टी ब्रिज है, जिसकी चौड़ाई करीब 20 फीट है। नया फोरलेन ब्रिज 24 मीटर चौड़ा होगा। दोनों ओर 12- 12 मीटर की सड़क रहेगी। 18 महीने निर्माण अवधि तय की गई है। करीब 40 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे। सिंहस्थ 2028 के पूर्व इसे तैयार कर लिया जाएगा। नवीन पुल तैयार होने के बाद सुगम यातायात हो सकेगा।

वर्तमान का पुल उस दौर के वाहनों की संख्या को देखकर बनाया गया था। पुल अभी मजबूती से खड़ा है, लेकिन बड़े औद्योगिक सामग्रियों के वाहनों के लिए उपयोगी नहीं है। कुछ समय पूर्व बड़े औद्योगिक वाहनों को निकालने के लिए चंबल में अतिरिक्त अस्थाई मार्ग का निर्माण करके वाहनों को निकाला गया था। फोरलेन ब्रिज बनने के बाद इसे बड़े वाहनों के लिए राहत होगी।

READ ALSO  Fatehpur Rain: बारिश बनी आफत, फतेहपुर में 67 मकान तहस-नहस; 3 की मौत

मार्ग परिवर्तन का बोर्ड लगाया, यातायात हुआ कम
सड़क विकास निगम को अभी डायवर्सन रूट को लागू करने की अनुमति नहीं मिली है। वहीं विभाग ने पुल के पहले सड़क पर मार्ग परिवर्तन निर्माण कार्य प्रगतिरत है जैसे बोर्ड लगा दिए हैं। इसके कारण मार्ग पर यातायात का दबाव कम हो गया है। इधर, ब्रिज के माध्यम से इस पार आने वाले घाटाबिल्लौद के लोगों को आंतरिक छोटे-छोटे मार्गों का उपयोग करके इस पार से उस पार आना होगा। आगामी दिनों में पानखेड़ी और लेबड़ मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ जाएगा।

सड़क विकास निगम, धार के एसडीओ प्रदीप चौहान बताते हैं कि चंबल नदी पर फोरलेन ब्रिज निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। रूट डायवर्सन प्लान बनाकर अनुमति के लिए स्थानीय प्रशासन को दिया गया है। अनुमति मिलने के बाद आगे का काम शुरू होगा। 18 महीने में कार्य पूर्ण करने की अवधि है।

बारिश में बढ़ेगी चुनौती, अभी डेढ़ माह का समय
चंबल नदी वर्तमान में पूरी तरीके से सूख चुकी है। यह समय पुल को डिस्मेंटल करने एवं बैस तैयार करने के लिए उपयुक्त है। डायवर्सन मार्ग के लिए जल्द अनुमति मिलती है तो काम को गति मिल जाएगी। बारिश का दौर प्रारंभ होते ही प्रोजेक्ट के तहत दो से तीन माह प्रभावित होंगे। अच्छी बारिश के दौरान चंबल नदी उफान पर रहती है। नदी तट के मंदिर तक डूब जाते हैं। ऐसी स्थिति में बारिश के पूर्व नींव का काम हो जाता है तो पानी कम होने पर आगे का काम किया जा सकता है।

READ ALSO  राजस्थान में बारिश पर लगेगा ब्रेक, जानें 7 से 17 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम का हाल
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins