छत्तीसगढ़

नियुक्ति पर गिरी गाज: हाईकोर्ट ने राजस्व उप निरीक्षक की भर्ती को किया निरस्त

By Admin|13 Apr 2026, 8:11 PM
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बिलासपुर.

13 वर्षों से पदस्थ राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति हाईकोर्ट ने निरस्त कर दी है। दरअसल नगर पालिका परिषद भाटापारा, जिला बलौदा बाजार-भाटापारा ने 16 नवंबर 2012 को राजस्व उप निरीक्षक (अनारक्षित) पद के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें स्नातक एवं पीजीडीसीए अनिवार्य योग्यता निर्धारित थी।

भाटापारा निवासी देवेंद्र कुमार साहू ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत किया, किंतु जब पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी हुई तो उनका नाम किसी भी सूची में शामिल नहीं किया गया। 23 मार्च 2013 को नियुक्ति आदेश जारी कर उत्तरवादी सतीश सिंह चौहान की नियुक्ति कर दी गई। इससे व्यथित होकर देवेंद्र कुमार साहू ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल के समक्ष हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ईशान सलूजा ने पक्ष रखते हुए बताया कि सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त दस्तावेजों से स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता का आवेदन विधिवत प्राप्त हुआ था, फिर भी उसे चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। साथ ही यह भी तर्क रखा गया कि उत्तरवादी सतीश सिंह चौहान के पिता उस समय नगर पालिका परिषद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के पद पर पदस्थ थे, जिससे चयन प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि उत्तरवादी का अनुभव प्रमाण पत्र भी उनके पिता द्वारा ही जारी किया गया, जो प्रथम दृष्टया संदेहास्पद प्रतीत होता है।

न्यायालय ने समस्त तथ्यों का परीक्षण करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता का आवेदन उपलब्ध होने के बावजूद उसे पात्र/अपात्र सूची में शामिल नहीं करना गंभीर त्रुटि है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी अभ्यर्थी की उम्मीदवारी को इस प्रकार समाप्त करना पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करता है। न्यायालय ने यह भी माना कि उत्तरवादी के पक्ष में उसके पिता द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है और इससे मनमानी एवं पक्षपात की संभावना प्रबल होती है।

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इन परिस्थितियों में उच्च न्यायालय ने 23 मार्च 2013 के नियुक्ति आदेश को निरस्त करते हुए निर्देशित किया कि पुनः निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया संचालित की जाए तथा याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार साहू की उम्मीदवारी पर विधिवत विचार कर नया नियुक्ति आदेश पारित किया जाए।

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