मध्य प्रदेशराज्‍य

इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश की सड़कों का जाल बिछाने के लिए कैबिनेट मीटिंग में लिए गए निर्णय

By Admin|13 Apr 2026, 3:06 PM
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 भोपाल
राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। विकास की गति को निरंतर बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए कुल 10,801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। यह निर्णय न केवल राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी लाएगा।

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सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रहेंगी योजनाएं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे का विकास किसी एक वित्तीय वर्ष तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रि-परिषद ने इन विकास कार्यों को सोलहवें वित्त आयोग की पूरी अवधि, यानी 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह कदम दीर्घकालिक नियोजन और परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में सहायक सिद्ध होगा।

एन्यूटी और एनडीबी परियोजनाओं के लिए भारी निवेश

स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा लंबित भुगतानों और बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए रखा गया है:

    एन्यूटी भुगतान: सड़क परियोजनाओं के एन्यूटी भुगतान के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा, यानी 4,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे ठेकेदारों और निजी निवेशकों का विश्वास बना रहेगा।

    MP सड़क विकास निगम (NDB): बाह्य वित्तपोषित सड़क परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की सहायता से चल रहे कार्यों के लिए 5,322 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि ग्रामीण और शहरी संपर्क मार्गों के सुधार में मील का पत्थर साबित होगी।

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बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल को नया बल

    बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत चल रही परियोजनाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है:
    बी.ओ.टी. मार्गों के विकास, रखरखाव और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
    बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर आवश्यक भुगतान और कानूनी दायित्वों को पूरा करने के लिए 765 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

परिवहन और आर्थिक विकास का आधार

लोक निर्माण विभाग की इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को मुख्य शहरों से जोड़ना और व्यापारिक मार्गों की गुणवत्ता में सुधार करना है। उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना है। मंत्रि-परिषद के इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

सरकार की इस मंशा से साफ है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य का सड़क नेटवर्क एक नए स्वरूप में नजर आएगा। बाह्य वित्तीय संस्थाओं जैसे NDB का सहयोग यह दर्शाता है कि राज्य की सड़क परियोजनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही हैं।

सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना की लागत राशि 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति

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मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) का कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के उद्देश्यों से योजना के आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2250 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

योजना के क्रियान्वयन से फार्म पावर उपलब्धता में वृद्धि होगी। कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। इससे वन-पट्टा धारी कृषक लाभान्वित होगे।

भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने के लिए लगभग 1005 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया।

प्रदेश में नवीन चिकित्‌सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति

परिषद द्वारा प्रदेश में भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाए जाने के लिए 1674 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से समबद्ध किया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता और 3553.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

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बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना एवं महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रूपये और आगामी 5 वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि तक संचालन एवं निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।

8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति

इसके साथ ही भारत सरकार की स्वीकृति अनुसार मैहर, मउगंज, पांढुरना, धार में मनावर एवं पीथमपुर, इंदौर में लसूडिया एवं सावेर, झाबुआ में पेटलावद इस प्रकार कुल 8 नये वंन स्टॉप सेंटर के संचालन की स्वीकृति दी गई।

लोक निर्माण के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत बी.ओ.टी. मार्गों का विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रूपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रूपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4564 करोड़ रूपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5322 करोड़ रूपये की स्वीकृति सहित सोलहवे वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति दो गई है।

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