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CG : फर्जी सिम घोटाले का खुलासा, 25 मोबाइल नंबर अवैध रूप से जारी, एक गिरफ्तार …

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फर्जी सिम कार्ड जारी कर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना गोबरा नवापारा पुलिस द्वारा की गई है। मामले में आरोपी पर लोगों के दस्तावेजों का गलत उपयोग कर 25 मोबाइल नंबर अवैध रूप से जारी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रायपुर के निर्देश पर की गई, जिसमें पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवाएं, पुलिस मुख्यालय (छत्तीसगढ़) द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर फर्जी सिम जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (POS) की सूची साझा की गई थी। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान कुल 25 मोबाइल नंबरों की पहचान की गई, जिनकी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह पाया गया कि ये नंबर वास्तविक दस्तावेज धारकों की जानकारी के बिना जारी किए गए थे। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं से पूछताछ की, जिसमें सभी पीड़ितों ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें इन सिम कार्ड्स की कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कभी इनका उपयोग किया है। पीड़ितों के बयान के आधार पर यह सामने आया कि आरोपी दर्शनदीप जैन, जो नवापारा स्थित आगम टेलीकॉम (सदर रोड चौधरी कॉम्प्लेक्स) का संचालक है, ने उनके पहचान पत्र और दस्तावेजों का गलत उपयोग कर यह सिम कार्ड जारी किए थे। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी द्वारा फर्जी तरीके से दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कई मोबाइल नंबर अन्य व्यक्तियों को भी उपलब्ध कराए गए। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि पोस्ट आईडी 43891995 के माध्यम से आरोपी द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए सिम कार्ड जारी किए गए। दस्तावेजों की जांच और पीड़ितों के कथन के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने धोखाधड़ी और छलपूर्वक इस पूरे कृत्य को अंजाम दिया।

इस मामले में थाना गोबरा नवापारा में अपराध क्रमांक 448/2025 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की, जिसके बाद पता चला कि वह मध्यप्रदेश के जबलपुर में मौजूद है। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी दर्शनदीप जैन को हिरासत में लिया और रायपुर लाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर रायपुर न्यायालय भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह के मामलों में साइबर और तकनीकी जांच को और मजबूत किया जा रहा है ताकि फर्जी सिम कार्ड और दस्तावेजों के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने पहचान दस्तावेज किसी भी अनजान व्यक्ति या दुकान पर बिना जांच के न दें। यह कार्रवाई साइबर धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के मामलों पर पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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