राजस्थानराज्‍य

लाठी गांव में भावुक कर देने वाला मंजर, ऊंट के बच्चे ने 3 दिन तक नहीं छोड़ा शव

By Admin|12 Apr 2026, 9:51 PM
f X W

 जैसलमेर

इंसान हो या जानवर, मां की ममता का कोई विकल्प नहीं होता.  राजस्थान के जैसलमेर जिले के लाठी गांव में ममता की एक ऐसी ही मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. यहां ट्रेन की चपेट में आने से एक ऊंटनी की मौत हो गई, लेकिन उसका बच्चा अपनी मृत मां को सोता समझ तीन दिनों तक उसके शव के पास बैठा लगातार रोता रहा.

ट्रेन हादसे में गई मां की जान
जानकारी के अनुसार, यह घटना कुछ दिन पहले घटित हुई थी , जिसमें रेलवे ट्रैक के पास चर रही एक ऊंटनी अचानक ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. ऊंटनी के साथ उसका छोटा बच्चा भी था, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गया. मां की मौत से अनजान मासूम बच्चा तीन दिनों तक भीषण गर्मी और भूख-प्यास के बीच शव के पास ही डटा रहा.

मंजर देख ग्रामीणों की भर आईं आंखें
 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चा तीन दिनों तक अपनी मां के शव के पास ही बैठा रहा. वह कभी अपनी मां को सिर से उठाने की कोशिश करता, तो कभी जोर-जोर से चिल्लाने लगता. तीन दिन बाद जब उधर से गुजर रहे किसान जमालदीन और रमेश कुमार की नजर वहां पड़ी, तो वे दुर्गंध के कारण मौके पर पहुंचे. वहां का मंजर देखकर वे भी भावुक हो उठे। उन्होंने देखा कि बच्चा लगातार अपनी मां के पास बैठा रो रहा है और उसे छोड़ने को तैयार नहीं है.

READ ALSO  बिहार में विकास परियोजनाओं को रफ्तार, दरभंगा एयरपोर्ट के पास बनेगा लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब

आखिरी समय भी मां के शव को रहा निहारता
दोनों ने तुरंत इस घटना की सूचना गांव में ग्रामीणों को दी. जिन्होंने जगदम्बा सेवा समिति ट्रस्ट के सचिव जुगल किशोर आसेरा को घटना की सूचना दी. सूचना मिलते ही भादरिया गौशाला के गोरक्षक गोपालसिंह भाटी और दीनेश सिंह देवड़ा मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद उन्होंने बच्चे को उसकी मां के शव से अलग कर ऊंटनी को दफनाने के लिए गाड़ी में डाल कर विदा किया.

रेस्क्यू कर गौशाला भेजा गया
बच्चे को भादरिया गौशाला लाया गया है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है. तीन दिनों से भूखे-प्यासे रहने के कारण वह काफी कमजोर हो गया है. गौशाला में उसे भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button