मध्य प्रदेशराज्‍य

हौसलों की उड़ान: हवाई जहाज़ से उड़ान भरने वाली गांव की पहली बहू मीनाक्षी

By Admin|11 Apr 2026, 9:06 PM
f X W

भोपाल. 
गुना जिले के बमोरी ब्लॉक की मीनाक्षी फराक्टे आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। राजमाता स्व-सहायता समूह की सदस्य और शिवाजी राज सीएलएफ से जुड़ी मीनाक्षी उन्नत आजीविका प्रोसेसिंग केंद्र की सेंटर इंचार्ज हैं। उनका यह सफर केवल एक महिला की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संघर्ष और संकल्प की जीवंत मिसाल है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें दिल्ली में आयोजित एआई समिट में शामिल होने हवाई जहाज़ में बैठने का अवसर मिला। यह अवसर प्राप्त करने वाली वह गांव की पहली बहू हैं।

Advertisement
Advertisement

मीनाक्षी बताती हैं कि उनके प्रोसेसिंग केंद्र में किसान दीदियों से कच्चा माल खरीदा जाता है, फिर उसे प्रोसेस कर बाजार तक पहुंचाया जाता है। उनके साथ जुड़ी समूह की महिलाएं अलग-अलग माध्यमों से कभी घर-घर जाकर, कभी दुकानों पर, तो कभी आंगनवाड़ी और स्कूलों में चल रहे मध्याह्न भोजन कार्यक्रमों के जरिए बिक्री करती हैं। लेकिन यह राह आसान नहीं थी। जब मीनाक्षी और उनकी साथी महिलाएं पहली बार दुकानों पर अपने उत्पाद बेचने गईं, तो लोगों को विश्वास ही नहीं होता था कि महिलाएं भी सफल मार्केटिंग कर सकती हैं। दुकानदार अक्सर सवाल करते—“क्या आप लोग समय पर सामान पहुंचा पाएंगी? क्या इतनी जिम्मेदारी निभा पाएंगी? एक महिला होने से उन पर संदेह भी किया जाता था। कई बार एक ही दुकान पर दो से चार बार जाना पड़ता, बार-बार समझाना पड़ता, भरोसा दिलाना पड़ता कि वे भी गुणवत्तापूर्ण सामान समय पर दे सकती हैं। हर दिन नई चुनौतियां सामने आती थीं, लेकिन मीनाक्षी और उनकी समूह की दीदियों ने कभी हार नहीं मानी। वे लगातार हर दुकान, हर घर तक पहुंचीं और अपने काम से लोगों का भरोसा जीता। आज वही मेहनत रंग लाई है। पिछले दो वर्षों में उनकी यूनिट 70 लाख रुपये की बिक्री कर चुकी है, जिसमें अकेले मीनाक्षी ने 25 से 30 लाख रुपये तक की बिक्री की है। जो आय पहले केवल 5 हजार रुपये थी, वह आज बढ़कर 25 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है।

मीनाक्षी कहती हैं कि मार्केटिंग उतनी कठिन नहीं है, जितनी हम सोचते हैं। बस पहला कदम बढ़ाना पड़ता है। जब तक हम खुद अनुभव नहीं करेंगे, तब तक डर बना रहेगा। लेकिन एक बार शुरुआत कर दी, तो हम सब कुछ कर सकते हैं। उनकी उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। दिल्ली में आयोजित एआई समिट में शामिल होने के लिए श्रीमती मीनाक्षी पहली बार फ्लाइट से यात्रा कर चुकी हैं। वे गर्व से कहती हैं कि वे अपने गांव की पहली बहू हैं, जिसने हवाई जहाज में सफर किया।

READ ALSO  सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती मीनाक्षी कहती हैं कि आज उन्हें जो मंच मिला है, वह इसी समर्थन का परिणाम है। उनकी कहानी बताती है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो गांव की महिलाएं भी आसमान छू सकती हैं।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins