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इंदौर में पार्षद रुबीना के वंदे मातरम बयान पर उषा ठाकुर का तीखा जवाब: ‘भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा’

By Admin|11 Apr 2026, 6:01 PM
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इंदौर
 जिले में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़े विवाद ने एक बार फिर सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस की मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है।

'संविधान सर्वोपरि, अपमान नहीं होगा सहन'
उषा ठाकुर ने कहा कि जो लोग भारत में रहते हैं उन्हें ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करना ही होगा। यह देश किसी एक धर्म का नहीं बल्कि सभी नागरिकों का है और यहां संविधान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ‘वंदे मातरम’ बोलने से इनकार करता है तो यह राष्ट्र के प्रति अनादर माना जाएगा। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस तरह की सोच देशहित के खिलाफ है।

आजादी का प्रतीक है वंदे मातरम
विधायक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन का प्रतीक रहा है। इस गीत के लिए देश के लाखों लोगों ने बलिदान दिया है। ऐसे में अगर कोई नागरिक इसे गाने से मना करता है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

कांग्रेस की मानसिकता पर सीधा प्रहार
उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की मानसिकता अब जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह के बयानों को बढ़ावा देती है जिससे समाज में गलत संदेश जाता है। उनका कहना है कि जनता समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।

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इंदौर में पहले भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है जहां कथित तौर पर फंडिंग के जरिए इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था। समाज को इस विषय में जागरूक होने की जरूरत है और परिवारों को अपनी बेटियों की सुरक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

लव जिहाद पर भी चेतावनी
इसी दौरान उषा ठाकुर ने प्रयागराज की एक वायरल युवती के मामले पर भी बयान दिया। उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार कुछ संगठित ताकतें युवतियों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करती हैं।
आकाश सिकरवार

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