DPR छत्तीसगढ समाचारछत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG: लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना आदि लोकोत्सव: मुख्यमंत्री साय

By kadwaghut|09 Jan 2026, 8:45 PM
f X W

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में हुए शामिल

Advertisement
Advertisement

रायपुर, 9 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित ‘आदि लोकोत्सव’ पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘आदि लोकोत्सव’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।

READ ALSO  CG : युवोदय 2.0 बस्तर में बदलाव के सारथी बनेंगे युवा

मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। 

READ ALSO  बिहान योजना ने दिया आजीविका का सहारा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।

यह भी पढे़ : छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल ने डॉक्टर रमन सिंह के माध्यम से हजारों मजदूर परिवारों को छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं का लाभ दिया

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins