छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : अमृत मिशन में 230 करोड़ फूंके, 40 टैंकर भी दौड़ रहे, अब सिंटेक्स के भरोसे है निगम…

By lokesh sharma|09 Apr 2026, 11:39 AM
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राजनांदगांव , गर्मी बढ़ते ही शहर में जलसंकट फिर बढ़ने लगा है। हाई लेवल एरिया से लेकर आउटर के वार्डों में नलों की धार पतली हो गई है। भीतरी हिस्से के भी कई वार्ड ऐसे हैं, जहां जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा। इसे देखते हुए नगर निगम अब सिंटेक्स लगाकर पानी देने की तैयारी में हैं।

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गंभीर बात यह है कि शहर में अमृत मिशन पर 230 करोड़ रुपए खर्च किया जा चुका है। इसके तहत 300 किमी. की पाइप लाइन बिछी। 7 नई टंकियां बनाई गई। इसके बाद पाइप लाइन का यह नेटवर्क जरूरत के मुताबिक पानी पहुंचाने में फेल साबित हो रहा है। हालात यह है कि गर्मी की शुरुआत में ही 40 टैंकरों से पानी की आपूर्ति हो रही। वहीं वार्ड के जिन तंग गलियों में टैंकर नहीं घुस पा रहे हैं, वहां अब पानी के लिए सिंटेक्स लगाना शुरु किया गया है। यहां सिंटेक्स टंकी से वार्डवासियों को पानी दिया जाएगा। आउटर के वार्डों में भी पानी उपलब्ध कराने के लिए सिंटेक्स टंकियां रखी जा रही है।

गलियों में बिगड़ी व्यवस्था रॉ-वाटर का संकट बढ़ा शहर के कई वार्डों की गलियां इतनी संकरी हैं कि यहां टैंकरों का पहुंचना मुश्किल है। अमृत मिशन की पाइपलाइन यहां पहुंच तो गई है, लेकिन नलों की धार इतनी पतली है कि जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। इधर शिवनाथ नदी में रॉ वाटर का लेवल गिरने से निगम की चिंता और बढ़ गई है। इसके अलावा मोंगरा बैराज से कुछ समय पहले ही 300 एमसीएफटी पानी मंगाया गया है। जो भी तेजी से खत्म हो रहा है।

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बीते दिनों पानी की समस्या को लेकर ढाबा वार्ड में चक्काजाम हुआ। बाबूटोला वार्ड में भी पानी पाइप लाइन से नहीं पहुंच रही। यही स्थिति सेठी नगर और हीरा मोती लाइन में हैं। ​लोगों की शिकायत के बाद महापौर मधुसूदन यादव इन हिस्सों के निरीक्षण में पहुंचे। यहां पानी की वै​कल्पिक व्यवस्था के लिए सिंटेक्स टंकी लगाने के निर्देश दिए। अब गर्मी में फिलहाल इसी व्यवस्था से वार्डों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पुराना ढाबा की महिलाओं को डस्टबिन का वितरण किया। महापौर ने कहा कि वार्ड की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास किया जा रहा है।

हाई लेवल एरिया में बगैर मापदंडों के पाइप बिछा दिए गए, जिससे पानी का प्रेशर जीरो हो गया। अब इन्हीं गलतियों को सुधारने के लिए 2.40 करोड़ का अतिरिक्त टेंडर जारी किया गया है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बावजूद टैंकरों पर रोज 100 लीटर डीजल जल रहा है, जिससे सीजन में 50 लाख का बोझ पड़ेगा। एनीकट की सफाई नहीं होने से रॉ वाटर का भराव भी कम हो रहा है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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