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Wheat-Rice Stocks: पेट्रोल-डीजल, तेल के बाद 602 लाख मीट्रिक टन गेहूं-चावल के स्टॉक के बारे में सरकार ने दी अहम जानकारी, जाने

By News Desk|08 Apr 2026, 6:11 PM
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Wheat-Rice Stocks: पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। खासकर, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से एक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। इस स्थिति के बीच, सरकार ने अपने गेहूं और चावल के स्टॉक के बारे में एक अहम जानकारी दी है।

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Wheat-Rice Stocks 2026: स्टॉक नियमों

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा ने कहा, “हमारे पास गेहूं और चावल दोनों का पर्याप्त बफर स्टॉक है—यह मात्रा तय बफर स्टॉक नियमों से तीन गुना ज़्यादा है।” उन्होंने आगे कहा कि स्टॉक की भरपूर उपलब्धता है, और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने तथा महंगाई को काबू में रखने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

Wheat-Rice Stocks 2026: स्टॉक में कितना गेहूं और चावल है?

संयुक्त सचिव सी. शिखा ने बताया कि इस समय स्टॉक में लगभग 22.2 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं और 38 मिलियन मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है। कुल मिलाकर, देश के पास लगभग 60.2 मिलियन मीट्रिक टन खाद्यान्न का भंडार है। यह मात्रा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ किसी भी अचानक आने वाली आपातकालीन ज़रूरत को पूरा करने के लिए भी काफी है। इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील जैसे प्रमुख सहयोगी देशों से आयात बिना किसी रुकावट के जारी है। इसके अलावा, सरसों के मज़बूत घरेलू उत्पादन ने घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को और मज़बूत किया है। कुल मिलाकर आपूर्ति का स्तर स्थिर बना हुआ है। सरकार स्थिति पर लगातार नज़र रखेगी और ज़रूरत पड़ने पर दखल देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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Wheat-Rice Stocks 2026

इस बीच, उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने कहा कि देश के भीतर खाद्य सुरक्षा की स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। विभाग 528 तय केंद्रों से 40 ज़रूरी चीज़ों की कीमतों का रोज़ाना डेटा इकट्ठा करता है, जिसे बाद में एक खास मोबाइल ऐप पर अपडेट किया जाता है। उन्होंने कहा, “अब तक, ज़रूरी चीज़ों की कीमतों में कोई असामान्य उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है।” कीमतों पर नज़र रखने के अलावा, ज़रूरी चीज़ों की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने और जमाखोरी तथा कालाबाज़ारी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं।

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