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रणथंभौर टाइगर रिजर्व: वन्यजीवों की हलचल से खेती और जीवन प्रभावित

By Admin|05 May 2026, 6:51 PM
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रणथंभौर

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सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों खौफनाक स्थिति का गवाह बन गया है. एक साथ तीन खूंखार 'शिकारी' बाघ, तेंदुआ और चीता घूमते नजर आ रहे हैं. करीब 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के कुनो से भटककर आया केपी-2 चीता अब गांवों में भी भटकता दिख रहा है. इससे रणथंभौर से सटे गांवों में दहशत है. जोन 8, 9 और 10 में चीते का मूवमेंट नजर आने के साथ ही आबादी क्षेत्रों में भी दस्तक है. जानकारी के अनुसार, यह चीता सबसे पहले रणथंभौर की पालीघाट रेंज के पास देखा गया था. इसके बाद यह अलग-अलग जोन और गांवों के आसपास घूमता रहा है. फिलहाल इसका मूवमेंट जोन 10 और आसपास के इलाकों में बना हुआ है.

खेती-किसानी प्रभावित, फसलें सूखने लगी
जिले के कैलाशपुरी, दुमोदा और मोजीपुरा गांवों में इस चीते की मौजूदगी ने ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है. यहां अमरूदों के बगीचे में पिछले कई दिनों से चीते की आवाजाही बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे अपने खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं. खेती-किसानी का काम पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. गर्मी की फसलें सूखने लगी हैं, क्योंकि सिंचाई और देखभाल नहीं हो पा रही है.

बच्चों को लेकर परिवार चिंतित
चीता पालतू पशुओं का भी शिकार कर चुका है. इससे कई गांव में डर और गहरा हो गया है. किसी अनहोनी की आशंका से दहशत में रह रहे लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं. किसानों की चिंता बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा है. जिन रास्तों से बच्चे स्कूल जाते हैं, उन्हीं इलाकों में चीते का मूवमेंट बना हुआ है. ऐसे में कई बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं और परिवारों ने उन्हें घरों में ही रहने की हिदायत दी है.

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ग्रामीण बोले- मॉनिटरिंग काफी नहीं
वन विभाग की टीमें लगातार चीते की निगरानी कर रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ निगरानी से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने वन अधिकारियों से चीते को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की है.

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