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पटना पर बाढ़ का बड़ा खतरा! गंगा रिकॉर्ड स्तर की ओर, निचले इलाकों में घुसा पानी

By Admin|04 Sep 2026, 12:43 PM
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पटना
 बिहार में बाढ़ हाहाकारी रूप धारण करती जा रही है। राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। आज गंगा नदी अब तक के सबसे उच्चतम जलस्तर को पार कर सकती है। सोन, पुनपुन और दरधा नदियों में बढ़ा जलस्तर पटना जिले के निचले इलाकों में तबाही मचाने लगी हैं। घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बिंद टोली में सैकड़ों घर डूब गए हैं। मिट्टी के घर ध्वस्त हो गए हैं। करीब 1500 परिवार जेपी गंगा पथ पर प्लास्टिक के टेंट बनाकर रहने को विवश हैं। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश न करे, इसके लिए डीएम ने पटना सुरक्षा दीवार बांध के सभी 108 गेट को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया है। यही नहीं, दीवार के 13 स्लूइस गेट को तत्काल डीएम की मौजूदगी में ही दुरुस्त कराया गया। पीएचईडी विभाग के सभी पर्यवेक्षकों और जिला कार्यालय के पदाधिकारियों की छुट्टियां बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।

दियारा और अन्य निचले इलाकों की दर्जनों पंचायतों में हजारों एकड़ धान और मकई की फसलें डूब चुकी हैं। कई सड़कें बाढ़ में बहकर ध्वस्त हो गई हैं। सड़क संपर्क टूटने लगा है। हजारों लोगों की आबादी घरों में कैद है। रोजगार के साधन खत्म होने लगे हैं। गांवों में बाढ़ का पानी जमा होने से मनेर से मोकामा तक हजारों परिवार ऊंची जगहों, रेलवे स्टेशनों, सड़कों, स्कूल व अन्य स्थानों पर शरण लेने को विवश हैं। कई जगहों पर प्रशासन से कोई सुविधा नहीं मिलने की भी शिकायत लोग कर रहे हैं।

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सबसे भयावह स्थिति दीघा क्षेत्र स्थित बिंद टोली की है। बाढ़ का पानी घुस चुका है। लोगों के घर डूब चुके हैं। यहां लेागों को पीने के साफ पानी के लिए भी जूझना पड़ रहा है। यहां बसे रितिक कुमार, बलराम जी, शकुंतला देवी ने बताया कि चौकी-बिछावन पानी में डूब चुका है। कुछ बर्तन-चूल्हा और मवेशियों को लेकर यहां पहुंचे हैं। यहीं पर दो दिनों से किसी तरह गुजारा हो रहा है। मवेशियों को चारा नहीं मिल रहा है

मनेर का इस्लामगंज बना टापू,मरीजों की जान सांसत में
गंगा और सोन के बीच बसा मनेर का इस्लामगंज गांव टापू बन गया है। पानी गांव के चारों ओर फैल गया है। आवाजाही का एकमात्र सहारा नाव है। खाना बनाने से लेकर शौच तक के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं और बच्चे हैं। गांव की सुमित्रा देवी, झुमकी सहनी समेत कई महिलाओं ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी बीमार पड़ने पर होती है। रात में नाव नहीं चलती। ऐसे में मरीज को खटिया पर लादकर पैदल ही मनेर तक जाना पड़ता है। गीता देवी, कौशल्या देवी, रीना देवी नीलम देवी ने बताया कि गांव की बिजली गुल है।

खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही गंगा
पटना में गुरुवार को गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो गई है। मनेर से मोकामा तक गंगा खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि गुरुवार की सुबह की तुलना में देर शाम को जलस्तर में हल्का गिरावट (20 सेमी.) देखा गया है। जल संसाधन विभाग की मानें तो प्रयागराज और वाराणसी में गंगा के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी के कारण पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ा है। वहां पर खतरे के निशान से लगभग पांच मीटर ऊपर गंगा बह रही है। जैसे-जैसे वहां के जलस्तर में कमी आएगी, पटना में भी खतरा कम होता जाएगा।

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अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी का निर्देश
कुछ स्था पर स्लूइस गेटों से रिसाव की शिकायत मिली। इस पर डीएम ने 13 स्लूइस गेटों के लीकेज को बंद करवाया। अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी का निर्देश दिया। साथ ही निगम के सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को पूरी क्षमता के साथ चालू रखने को कहा गया है। पाटलिपुत्र कॉलोनी और आसपास के निचले इलाकों में जल प्रवेश रोकने को विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। सदाकत आश्रम के पास नाले के रास्ते शहर में पानी आने की आशंका को देखते जल संसाधन और नगर निगम की टीम को रातभर में नाला बंद करने को कहा गया। जल संसाधन विभाग, नगर निगम और बुडको की संयुक्त टीम को आपसी समन्वय से इस काम को तुरंत पूरा करने को कहा गया। सुरक्षा बांध के गेट से पानी का बहाव होने पर दीघा से बोरिंग रोड, राजापुर पुल, कुर्जी से लेकर मंदिरी आदि मोहल्लों में बाढ़ का खतरा हो सकता है।
पटना में गंगा नदी के जल स्तर का जायजा लेते नीतीश कुमार

नीतीश कुमार ने बाढ़ की स्थिति का जायजा
पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर घबराएं नहीं। वे गुरुवार को पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने जेपी सेतु क्षेत्र से लेकर सिक्स लेन पुल तक पहुंचकर गंगा के जलस्तर, नदी के बहाव एवं आसपास निरीक्षण किया। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा इस दौरान उनके साथ थे।

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