छत्तीसगढ़रायपुर जिला

CSMCL में 183 करोड़ का ओवरटाइम घोटाला: MD बदलते रहे, लेकिन कमीशन और पेमेंट का खेल नहीं रुका

By kadwaghut|31 May 2026, 10:38 AM
f X W

Advertisement
Advertisement


रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी CSMCL में हुए कथित 183 करोड़ रुपए के ओवरटाइम घोटाले ने एक बार फिर सरकारी सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ACB-EOW की जांच और चार्जशीट में दावा किया गया है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर करीब 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। आरोप है कि यह राशि असल कर्मचारियों तक पूरी तरह नहीं पहुंची, बल्कि कथित कमीशन नेटवर्क में खपाई गई।
जांच में सामने आया है कि CSMCL में इस दौरान अधिकारी और MD बदलते रहे, लेकिन मैनपावर एजेंसियों को भुगतान की प्रक्रिया लगातार चलती रही। कई फाइलें बिना पर्याप्त स्वतंत्र सत्यापन के आगे बढ़ती रहीं। आरोप है कि कर्मचारियों के नाम पर ओवरटाइम और बोनस के बिल बनाए गए, जबकि कई कर्मचारियों ने जांच में बताया कि उन्हें केवल नियमित वेतन मिला, अतिरिक्त भुगतान नहीं मिला।
चार्जशीट के अनुसार, घोटाले का बड़ा हिस्सा ओवरटाइम भुगतान से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने करीब 101.20 करोड़ रुपए ओवरटाइम, 12.21 करोड़ रुपए बोनस, 54.46 करोड़ रुपए अतिरिक्त चार कार्य दिवस और 15.11 करोड़ रुपए सर्विस चार्ज के रूप में गड़बड़ी का दावा किया है। इस तरह कुल रकम करीब 182.98 करोड़ रुपए बताई गई है।


मामले में EOW-ACB ने स्पेशल कोर्ट में करीब पांच हजार पन्नों की पहली चार्जशीट पेश की है। इसमें अनवर ढेबर सहित 12 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पहली चार्जशीट है और आगे की जांच में अन्य अधिकारियों, एजेंसी संचालकों और संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
जांच में सुमीत फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर/ईगल सॉल्यूशन्स जैसी मैनपावर एजेंसियों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन्हीं एजेंसियों के जरिए शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम पर फर्जी या बढ़े हुए बिल लगाए गए और भुगतान की रकम कथित कमीशन व्यवस्था तक पहुंचाई गई।

READ ALSO  CG : सेवा संकल्प अभियान में स्वच्छता का संदेश, गांव से जिला मुख्यालय तक सरकारी दफ्तरों में चला सफाई अभियान…


फिलहाल ACB-EOW पूरे मामले में पैसों के लेन-देन, फर्जी बिलिंग, बैंक खातों और कमीशन नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि नए साक्ष्य मिलने पर आगे और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस खुलासे के बाद CSMCL की भुगतान व्यवस्था और अधिकारियों की निगरानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins