छत्तीसगढ़

बस्तर में शुरू हुआ पुस्तक दान अभियान, बच्चों को मिलेगी शिक्षा की नई रोशनी

By Admin|19 Mar 2026, 6:46 PM
f X W

रायपुर

Advertisement
Advertisement

कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी

बस्तर जिले में शिक्षा और ज्ञान की नई अलख जगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। कलेक्टर  आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में पूरे जिले में पुस्तक दान अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया है। जिसका मुख्य लक्ष्य घरों की अलमारियों में रखी पुरानी और उपयोगी किताबों को उन जरूरतमंद हाथों तक पहुँचाना है जो संसाधनों के अभाव में ज्ञान की मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं। इस पुनीत कार्य के लिए जिला प्रशासन ने समस्त आम जनता, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों और विद्यार्थियों से एक भावुक अपील की है कि वे अपनी पुरानी ज्ञानवर्धक पुस्तकें, महापुरुषों की प्रेरणादायक जीवनियाँ और सामान्य ज्ञान की किताबें दान कर किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदलने में सहभागी बनें। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान न केवल पुरानी किताबों को नया जीवन देगा, बल्कि समाज में दान की एक नई और बौद्धिक संस्कृति को भी विकसित करेगा।

कलेक्टर ने पुस्तक दान रथ को दिखाई हरी झंडी      

इस महाभियान को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष पुस्तक दान रथ तैयार किया गया है, जिसे कलेक्टर  आकाश छिकारा ने कलेक्ट्रेट परिसर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के पहले ही दिन उत्साह का माहौल देखा गया और शहर के पावर हाउस चैक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए सिटी कोतवाली तक लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी पुस्तकें दान कीं। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी  बीआर बघेल और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त  गणेश राम सोरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने खुद भी इस मुहिम में योगदान दिया।        

READ ALSO  सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत-गिट्टी परिवहन में 8 ट्रैक्टर जब्त

सिलसिलेवार तरीके से यह अभियान अगले सात दिनों तक बस्तर के कोने-कोने में पहुँचेगा, जिसके तहत 20 मार्च को तोकापाल के एर्राकोट और करंजी क्षेत्रों में, 21 मार्च को बास्तानार और किलेपाल में तथा 22 मार्च को दरभा और तीरथगढ़ के अंचलों में यह रथ भ्रमण करेगा। इसी क्रम में 23 मार्च को बकावण्ड, 24 मार्च को लोहण्डीगुड़ा और अंतिम दिन 25 मार्च को बस्तर विकासखंड के भानपुरी और केशरपाल जैसे क्षेत्रों में सघन रूप से पुस्तकें संग्रहित की जाएंगी। एकत्रित की गई इन बहुमूल्य पुस्तकों को जिला ग्रंथालय एवं विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में पूरी संजीदगी के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे जिज्ञासु पाठकों और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के काम आ सकें। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins