मध्य प्रदेश

पशुपतिनाथ मंदिर में उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया

By Admin|19 Mar 2026, 6:01 PM
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उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया

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“सम्राट विक्रमादित्य” पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति का हुआ मंचन

मंदसौर

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में प्कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की।

कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग एवं मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर भव्य नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे उज्जैन की परिष्कृती सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जीवन, बेताल पच्चीसी, 32 पुतली सिंहासन, शकों पर विजय, नवरत्न, उनकी वीरता एवं न्यायप्रियता का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस दौरान “भारत का नववर्ष विक्रम संवत्” विषयक पुस्तिका का वितरण भी किया गया, जिससे आमजन भारतीय परंपराओं एवं नववर्ष के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।

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