उत्तर प्रदेशराज्‍य

यूपी में नदियों का रौद्र रूप जारी, कई गांव जलमग्न; बाढ़ और हादसों में 9 लोगों की मौत

By Admin|08 Sep 2026, 8:42 PM
f X W

लखनऊ
 प्रदेश में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। पूर्वांचल के कई जिलों में गंगा, सरयू, घाघरा और शारदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि वाराणसी और प्रयागराज में नदियों का पानी धीरे-धीरे घटने से राहत के संकेत मिले हैं।

Advertisement
Advertisement

बावजूद इसके बाढ़ग्रस्त इलाकों में जनजीवन सामान्य नहीं हो सका है। कई गांवों में पानी घुसने से संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और हजारों परिवार प्रभावित हैं। बारिश और जलभराव के बीच विभिन्न जिलों में दीवार या कच्चे मकान गिरने और नदियों और गड्ढों में डूबने से नौ लोगों की मौत हुई। बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 57.615 मीटर से 2.05 मीटर ऊपर 59.62 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि गंगा में घटाव जारी है।

सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 64.010 मीटर से करीब 55 सेंटीमीटर ऊपर है। मऊ के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा और नेपाल के बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। गाजीपुर में गंगा का पानी घट रहा है और सोमवार शाम जलस्तर खतरे के निशान से 13.5 सेंटीमीटर नीचे रहा। वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 70 सेंटीमीटर नीचे आ गया।

फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से करीब 80 हजार आबादी प्रभावित
सोमवार सुबह 69.62 मीटर से शाम छह बजे 69.56 मीटर पर पहुंच गया। घाटों की सीढ़ियां दिखने लगी हैं, लेकिन मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह प्रभावित है। गंगा आरती अब भी घाटों की छतों से हो रही है। नौका संचालन पर रोक जारी है। प्रयागराज में भी गंगा-यमुना का जलस्तर घट रहा है। फर्रुखाबाद में गंगा की बाढ़ से 102 गांवों की करीब 80 हजार आबादी प्रभावित है।

READ ALSO  ग्वालियर स्टेशन पर पैंट्री कारों का औचक निरीक्षण; लावारिस खानपान सामग्री जब्त, तीन ट्रेनों की पैंट्री की हुई सघन जांच

77 गांवों में पानी पहुंचने से 75 परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। समैचीपुर चितार में कटान से पांच मकान और तीन झोपड़ियां गिर गईं। आजमगढ़ में बाढ़ के दबाव से बेलहिया संपर्क मार्ग टूट गया। जालौन में करीब 60 गांवों पर बाढ़ का खतरा है। वहीं, लखीमपुर के पलिया में शारदा खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

बनबसा से 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कई संपर्क मार्ग जलमग्न हैं। सीतापुर में बैराजों से करीब 4.95 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रेउसा, रामपुर मथुरा और बेहटा क्षेत्र के 274 गांवों में संकट बना हुआ है। बहराइच में घाघरा खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर है और 15 गांव प्रभावित हैं। बाराबंकी में 60 गांव तथा गोंडा में 20 गांवों के करीब 200 घरों में पानी घुस गया है।

सीतापुर में दीवार गिरने से महिला की मौत
अयोध्या में सरयू खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। उधर, बांदा में नाले में डूबने से युवक की मौत हो गई, जबकि महोबा में दीवार गिरने से घायल वृद्ध ने दम तोड़ दिया। अयोध्या में पीडब्ल्यूडी कार्यालय की बाउंड्रीवाल गिरने से मोटरसाइकिल मिस्त्री रविंदर गौड़ की भी मौत हो गई।

सीतापुर में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि सुलतानपुर में रविवार आधी रात जर्जर खपरैल का कच्चा मकान ढह गया। इसके मलबे में मां व बेटे दब गए, जिसमें महिला की जान चली गई। इटावा में शौचालय की जमीन धंसने से करीब 60 फीट गहरा कुआं निकल आया, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।

READ ALSO  भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को सिखाए साहस और कर्तव्य के गुण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बरेली मंडल के शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक की मरम्मत के दौरान दो वर्ष पहले खोदे गए गड्ढे में डूबने से किशोर विनय व करन तथा बरेली में बालक भास्कर की उफनाते नाले और किसान राजवीर की रामगंगा में डूबने से जान चली गई।

आंवला में अरिल नदी में बाइक सवार तीन युवक बह गए। पीलीभीत में नेपाल सीमावर्ती नौहल्हा नकटाह में नेपाली युवती सृष्टि मोबाइल फोन से रील बनाते समय फिसलकर शारदा में बह गई। उनकी तलाश की जा रही है। बरेली में एक दर्जन से ज्यादा मकान गिर गए हैं। डीएम ने बरेली के आठवीं तक के स्कूल बुधवार तक बंद कर दिए हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins