गरियाबंद जिलाछत्तीसगढ़

CG : कलेक्टर ने बाल विवाह रोकथाम को लेकर अक्षय तृतीया पर सतर्कता बरतने के दिए निर्देश …

By kadwaghut|18 Apr 2026, 4:46 PM
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गरियाबंद । कलेक्टर बीएस उइके ने बाल विवाह के स्थायी रोकथाम के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए है। बाल विवाह एक सामाजिक बुराई ही नहीं अपितु काननून अपराध भी है। बाल विवाह से बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रभावित होता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वर एवं वधु के माता-पिता, सगे संबंधी, बाराती यहां तक कि विवाह करने वाले पुरोहित पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ-मृत्यु दर के साथ घरेलु हिंसा में भी वृद्धि होती है एवं बाल विवाह बालकों के सर्वाेत्तम हित में नहीं है। अतः इसकी पूर्णतः रोकथाम किया जाना आवश्यक है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावना को देखते हुए सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के कोटवार द्वारा बाल विवाह नहीं करने, बाल विवाह के कानूनन अपराध होने के संबंध में 19 अप्रैल तक 02 से 03 दिवस तक मुनादी करने के निर्देश दिए है।

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