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लोहिया संस्थान के सहयोग से सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ ओपीडी शुरू

By Admin|09 Jul 2026, 7:52 PM
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 लखनऊ
 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में मरीजों को अब सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। प्रदेश सरकार की पहल पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के सहयोग से अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन न्यूरोलाजी, कार्डियोलाजी और नेफ्रोलाजी विभागों की विशेषज्ञ ओपीडी संचालित की जाएगी।

इससे राजधानी ही नहीं, आसपास के जिलों से आने वाले हजारों मरीजों को केजीएमयू, पीजीआइ या लोहिया जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

सिविल अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी शुरू होने के बाद न्यूरो, हृदय और किडनी से संबंधित गंभीर बीमारियों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी।

अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को लोहिया संस्थान, केजीएमयू या एसजीपीजीआइ रेफर किया जाता है, लेकिन इन संस्थानों में पहले से बहुत भीड़ है। नई व्यवस्था से इस दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। सिविल अस्पताल में सफल होने पर सरकार से अन्य अस्पतालों में भी शुरू कर सकती है।

15 जुलाई से शुरू होगी नई व्यवस्था
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार के मुताबिक, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सलाह पर हमने लोहिया संस्थान प्रशासन को प्रस्ताव भेजा, जिस पर सहमति मिल गई है। नई व्यवस्था की शुरुआत 15 जुलाई से होगी, जिसके तहत लोहिया के कार्डियोलाजी, न्यूरोलाजी और नेफ्रोलाजी के डॉक्टर सप्ताह में एक-एक दिन ओपीडी करेंगे।

इसके लिए लोहिया संस्थान से सिविल अस्पताल तक डॉक्टरों को लाने और छोड़ने की जिम्मेदारी हमारी होगी। चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक जांचों की भी सुविधा बढ़ाई जाएगी।

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जिन मरीजों को उपचार, विशेष जांच या भर्ती की आवश्यकता होगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लोहिया रेफर किया जाएगा, ताकि उनका इलाज बिना अनावश्यक देरी के शुरू हो सके। निश्चित तौर पर इस पहल से जरूरतमंद मरीजों को सीधे लाभ मिलेगा, जो हायर सेंटर में घंटों धक्के खाते हैं।
    सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं और समन्वय का कार्य पूरा किया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण, परामर्श और रेफरल की प्रक्रिया को भी सुव्यवस्थित किया गया है। इस पहल से राजधानी में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा। विशेष रूप से बुजुर्गों, हृदय रोगियों, स्ट्रोक और किडनी संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को समय पर विशेषज्ञ सलाह मिलने से गंभीर जटिलताओं को कम करने में मदद मिलेगी। इसके लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की ओर से कई बार पहल की गई।
    -डॉ. जीपी गुप्ता, निदेशक, सिविल अस्पताल

न्यूरोसर्जन और प्लास्टिक सर्जन की तैनाती
सिविल अस्पताल में कार्यरत प्लास्टिक सर्जन डॉ. आरपी सिंह को रिटायर होने के बाद दोबारा तैनाती दी गई है। मंगलवार को शासन से आदेश जारी होने के बाद बुधवार को डॉ. आरपी सिंह ने सिविल अस्पताल ज्वाइन कर लिया। वहीं, बलरामपुर अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. विनोद तिवारी को भी सेवानिवृत्त के बाद सिविल अस्पताल में तैनाती दी गई। उन्होंने बुधवार को ज्वाइन भी कर लिया है। निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता का कहना है कि लोहिया संस्थान के सहयोग से न्यूरोलाजी, कार्डियोलाजी और नेफ्रोलाजी के साथ प्लास्टिक सर्जरी और न्यूरोसर्जरी के मरीजों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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