छत्तीसगढ़

महिला शक्ति के संकल्प से बदल रहा बस्तर, तीन पंचायतें बढ़ीं प्लास्टिक मुक्त गांव की दिशा में

By Admin|15 Mar 2026, 7:21 PM
f X W

जगदलपुर

Advertisement
Advertisement

प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर बढ़ीं बस्तर की तीन पंचायतें, महिला शक्ति निभा रही अहम भूमिका

जिले के जनपद पंचायत बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरी, टिकनपाल और बालेंगा को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस उद्देश्य से शनिवार को तीनों पंचायतों में विशेष बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और समग्र ग्राम विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच, ग्रामीणों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और सकारात्मक प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
       
इस अभियान में महिला शक्ति की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घर-परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। महिलाएं ग्रामीणों को एकल उपयोग प्लास्टिक के नुकसान के बारे में बता रही हैं और कपड़े के थैले तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से परिवार स्तर से लेकर पूरे गांव तक प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हो रही है।
      
बैठक में ग्रामीणों को बताया गया कि एक आदर्श और स्वस्थ गांव का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी क्रम में घर-घर कचरा पृथक्करण (सेग्रिगेशन) पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि यदि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखा जाए तो कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन अधिक आसान और प्रभावी हो सकता है। साथ ही गांव की गलियों को स्वच्छ रखने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।
          
स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू शौचालयों के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि खुले में शौच की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त कर ही गांव के स्वास्थ्य स्तर में वास्तविक सुधार लाया जा सकता है।
    
बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिला समूहों ने मिलकर अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त मॉडल ग्राम पंचायत बनाने की शपथ ली। स्वच्छ भारत मिशन टीम जनपद पंचायत बस्तर के मार्गदर्शन में आयोजित इन बैठकों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल की मजबूत नींव रखी है।

READ ALSO  CG : किसानों की सुविधा के लिए सुकमा जिले में बढ़े धान उपार्जन केन्द्र…
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins