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CG : बिहान ने बदली मीरा सिंह की तकदीर, बकरी पालन से बनीं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल …

By kadwaghut|17 Jul 2026, 4:28 PM
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एमसीबी/ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बिहान आज ग्रामीण महिलाओं के जीवन में परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुका है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वरोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। बिहान की सहायता से हजारों महिलाएं अपने सपनों को साकार कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं। इन्हीं प्रेरणादायक महिलाओं में एमसीबी जिले के विकासखंड भरतपुर के ग्राम मलकडोल की रहने वाली श्रीमती मीरा सिंह का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है।

संघर्ष से सफलता तक का प्रेरणादायक सफर
ग्राम मलकडोल में 30 दिसंबर 2017 को गठित परी महिला स्व-सहायता समूह में 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। बिहान मिशन की विकासखंड मिशन प्रबंधन इकाई द्वारा समूह की महिलाओं को नियमित प्रशिक्षण, क्षमता विकास और स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया। मीरा सिंह भी प्रारंभ से ही इस समूह की सक्रिय सदस्य रहीं। एक साधारण गृहिणी के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाली मीरा सिंह के मन में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की प्रबल इच्छा थी। उन्होंने समूह की बैठकों में नियमित भाग लिया, समूह के 11 सूत्रों का पालन किया और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को नई दिशा देने का निर्णय लिया।
समूह को प्राप्त रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) से उन्होंने 15 हजार रुपये का ऋण लेकर सबसे पहले अपने परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा किया। इसके बाद समूह को सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) के रूप में 60 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग ने उनके सपनों को नई गति दी और उन्होंने लगभग एक लाख रुपये का निवेश कर बकरी पालन का व्यवसाय प्रारंभ किया।

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बकरी पालन बना समृद्धि का नया रास्ता
मीरा सिंह ने पूरी मेहनत, लगन और समर्पण के साथ बकरी पालन को आजीविका का माध्यम बनाया। शुरुआत में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने व्यवसाय को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया। उनकी मेहनत रंग लाई और आज उनका बकरी पालन व्यवसाय लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वर्तमान में वे इस व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर रही हैं तथा एक वर्ष में लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये का लाभ प्राप्त कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना चुकी हैं।
इस आय से उन्होंने अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की है। आज वे आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन की मिसाल बन गई हैं।

दूसरी महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा की मिसाल
मीरा सिंह की सफलता ने पूरे ग्राम मलकडोल में नई सोच पैदा की है। उनकी उपलब्धियों को देखकर गांव की अनेक महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, आर्थिक सहयोग और दृढ़ संकल्प का साथ मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने परिवार और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकती हैं।
आज मीरा सिंह केवल एक सफल महिला उद्यमी ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से हर सपना साकार किया जा सकता है।

बिहान ने दिया आत्मनिर्भर भविष्य का विश्वास
परी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती मीरा सिंह की यह सफलता कहानी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बिहान की प्रभावी कार्यशैली और ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उत्थान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। आज मीरा सिंह बकरी पालन को अपनी आय का सशक्त माध्यम बनाकर न केवल अपने परिवार की खुशहाली सुनिश्चित कर रही हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बन गई हैं। उनकी यह यात्रा बताती है कि अवसर, परिश्रम और आत्मविश्वास मिल जाएं तो सफलता की कोई सीमा नहीं होती है ।

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