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गंगा-गंडक-कोसी के उफान से बिहार बेहाल, 52 लाख लोगों के लिए चल रहीं 1194 सामुदायिक रसोइयां

By Admin|11 Sep 2026, 6:33 PM
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पटना
बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ने के साथ प्रभावित आबादी का आंकड़ा 47 लाख के पार पहुंच गया है। राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 561 पंचायतों में 47 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के साथ खाद्यान्न, पशु चारा, दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ती जा रही है। गंगा, गंडक, कोसी एवं सोन के कारण परेशानी बरकरार है।

बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाकर 1194 कर दी गई है। इन रसोइयों के माध्यम से करीब 52 लाख लोगों को दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) की संख्या और बढ़ाने को भी कहा गया है।

पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर बल
बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में पशुधन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।

डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चारा आपूर्ति की लगातार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशुओं में संक्रमण और बीमारी की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा दलों को भी सक्रिय करने में निगरानी करने को कहा गया है।

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दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने, प्रभावित आबादी के बीच चिकित्सा दल भेजने और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

जलजमाव वाले क्षेत्रों में डायरिया, बुखार, त्वचा रोग और अन्य जलजनित बीमारियों को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है।

राहत सामग्री की आपूर्ति पर नजर
सरकार ने प्रभावित परिवारों तक राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्देश दिया है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क बाधित है, वहां नाव समेत अन्य माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचाने पर बल है।

जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है।

बाढ़ प्रभावित जिले
बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा, समस्तीपुर एवं अरवल है।

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