मध्य प्रदेश

मोटरों के अत्यधिक दोहन से भालीवाड़ा जलाशय का जलस्तर घटा, बढ़ी चिंता

By Admin|08 Mar 2026, 12:11 PM
f X W

सिवनी/भालीवाड़ा
कुरई के ग्राम भालीवाड़ा स्थित जलाशय में जल संकट गहराता जा रहा है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है। इसके बावजूद भी विद्युत मोटर पम्प लगातार लगातार जलाशय से पानी निकाला जा रहा है। मछुआ मांझी समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जलाशय में अब केवल 1 से 2 दिन का पानी ही शेष बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। जलाशय में पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बड़ी बात यह है कि समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं बादलपार पुलिस चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

Advertisement
Advertisement

विद्युत विभाग ने बनाया पंचनामा
विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण तथा ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। जलाशय में 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। बताया जाता है कि बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन एवं सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं।

खुले तार दे रहे हादसे को न्योता
जलाशय में लगे कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस पर प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए।

READ ALSO  के.के. सिंगारे के तीन ठिकानों पर EOW का छापा, आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच

कलेक्टर से कर चुके हैं लिखित शिकायत
ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसानों को नहर के माध्यम से सिंचाई करने से कभी नहीं रोका गया, लेकिन नहर से नीचे का पानी जलाशय में आ जाने के बाद भी लगभग 50 मोटर पम्पों का संचालन समझ से परे है। उनका कहना है कि जलाशय में अभी भी प्रर्याप्त पानी है जिससे मछलियां जीवित रह सकती हैं, बशर्ते पानी की निकासी तत्काल रोकी जाए।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins