मध्य प्रदेश

चार जवानों की मौत के बाद DGP ने लिया फैसला, रात के समय पुलिस वाहनों की आवाजाही को सीमित किया

By Admin|11 Dec 2025, 2:52 PM
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भोपाल 

सागर जिले में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात ट्रॉले से टकराकर मुरैना जिले के बम डिस्पोज़ल एंड डॉग स्क्वॉड (BDDS) वाहन में सवार चार पुलिसकर्मियों की मौत के बाद पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने नए निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच पुलिस वाहन केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही चलाए जाएं।

डीजीपी मकवाणा ने इंदौर और भोपाल पुलिस आयुक्तों सहित सभी जोन के आईजी और जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजे पत्र में उल्लेख किया कि सागर जिले में हुए इस भीषण हादसे में चार पुलिसकर्मी जान गंवा चुके हैं, जबकि एक घायल जवान को एयरलिफ्ट कर दिल्ली इलाज के लिए भेजा गया है। हादसे का शिकार वाहन मुरैना जिले का था, जो बालाघाट में एक महीने तक नक्सल विरोधी अभियान में ड्यूटी करने के बाद वापस लौट रहा था।

देर रात बढ़ता है हादसों का खतरा
डीजीपी ने पत्र में कहा कि बीते वर्षों में भी यह देखा गया है कि देर रात लंबी दूरी की यात्रा करने पर वाहन चालक थकान का शिकार हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन की स्थिति बेहतर हो, चालक अधिकृत हो और उसे कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो।

रात में यात्रा पर सख्त निर्देश
आदेश में कहा गया है कि रात्रि गश्त, थानों की आकस्मिक ड्यूटी, अचानक उत्पन्न परिस्थितियों में घटनास्थल पर पहुंचना या वीवीआईपी मूवमेंट जैसी आवश्यक स्थितियों को छोड़कर रात 12 से सुबह 5 बजे के बीच यात्रा से बचा जाए। यदि लंबी दूरी तय करनी हो तो मार्ग में पड़ने वाली पुलिस इकाइयों पर चालक को पर्याप्त विश्राम दिलाया जाए। डीजीपी ने सभी इकाइयों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

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