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पूर्वी सिंहभूम के आम पहुंचे लंदन, निर्यात से खुले नए अवसर

By Admin|11 Jun 2026, 7:39 PM
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रांची
पूर्वी सिंहभूम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 से बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत आम बागवानी एवं मिश्रित आम बागवानी का कार्य विभाग द्वारा दिए गए मार्गदर्शन के आलोक में किया जा रहा है। राज्य में लगभग 6000 एकड़ में बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से लाभुकों को न सिर्फ मजदूरी बल्कि स्थायी आजीविका के स्रोत भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्ष 2026-27 इसकी सफलता की कहानी स्वयं बयान कर रहा है।

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96 हजार किलो से अधिक आम उत्पादन ने रचा नया कीर्तिमान
वर्ष 2026-27 में कुल 96,175 किलो आम फलों का उत्पादन विभिन्न प्रखंडों में बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों द्वारा किया गया। इसके विक्रय हेतु जिला स्तर पर आम महोत्सव मेले का आयोजन किया गया, जो अपने आप में बेहद सफल रहा।

एफपीओ और महिला किसानों ने बढ़ाया मेले का आकर्षण
विभिन्न प्रखंडों से आए बिरसा हरित ग्राम योजना के किसान, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों) जैसे बोड़ाम, तेजस्वी महिला किसान उत्पादक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, बहरागोड़ा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, कन्हाईसर चाकुलिया महिला किसान उत्पादक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड तथा धालभूमगढ़ नारी शक्ति आजीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की दीदियों एवं किसानों द्वारा उत्साहपूर्वक मेले में भाग लिया गया।

आम महोत्सव में किसानों को मिली अच्छी आय
किसानों और एफपीओ से कुल 1,249 किलो आम की खरीद कर आम महोत्सव में स्टॉल लगाया गया। यह न सिर्फ दीदियों के लिए उत्साह का कारण बना, बल्कि जमशेदपुरवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा। बिरसा हरित ग्राम योजना के आम किसानों की मुस्कान बने। जिला स्तरीय आम महोत्सव में कुल 64,150 रुपये की आय हुई। साथ ही किसानों ने स्थानीय बाजार में भी आमों का विक्रय कर अच्छी आमदनी अर्जित की।

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1400 किसान एफपीओ से जुड़े, बाजार तक मिली सीधी पहुंच
बाजार विपणन समिति, पूर्वी सिंहभूम के सहयोग तथा जेएसएलपीएस के माध्यम से बिरसा हरित ग्राम योजना के 1400 किसानों को एफपीओ से टैग किया गया, जो उनके उत्पादों को स्थानीय और बाहरी विक्रेताओं तक पहुंचा रहे हैं। जेएसएलपीएस के तीन एफपीओ में कुल 4,103 महिला किसान शेयरधारक हैं, जबकि धालभूमगढ़ नारी शक्ति प्रोड्यूसर कंपनी में 2,085 शेयरधारक जुड़ी हुई हैं। इनके माध्यम से ट्रेडिंग का कार्य किया जा रहा है।

APEDA और KISAN SAY से जुड़कर बढ़े निर्यात के अवसर
इस वर्ष मनरेगा आधारित बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों के साथ समन्वय स्थापित कर Renown Agency के साथ टाई-अप किया गया है। इसके तहत A Category के आमों को APEDA और KISAN SAY जैसे संस्थानों के साथ ऑनबोर्ड किया जा रहा है, जिससे किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिल सके।

पूर्वी सिंहभूम से लंदन तक पहुंचा बिरसा हरित ग्राम योजना का आम
बोड़ाम और बहरागोड़ा से 1.5 टन बिरसा हरित ग्राम योजना के आम को जिला प्रशासन के सहयोग से एफपीओ के माध्यम से लंदन भेजे जाने के लिए फ्लैग ऑफ किया गया। यह योजना की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना रही है बिरसा हरित ग्राम योजना
बिरसा हरित ग्राम योजना झारखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो ग्रामीणों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना की सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है।

 

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