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CG : फरवरी 2026 से जिले में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान का शुभारंभ

By lokesh sharma|06 Feb 2026, 5:12 PM
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महासमुंद, जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु फरवरी 2026 से 100 दिवसीय विशेष अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया जाएगा। यह अभियान संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी-2030) के अनुरूप जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

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पंचायती राज संस्थाओं द्वारा स्वस्थ गांव की परिकल्पना को साकार करने हेतु ग्राम स्तर पर टीबी मुक्त पंचायत अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप-स्वास्थ्य केंद्र, मितानिन एवं स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विकास चन्द्राकर तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे के मार्गदर्शन में जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

विगत वर्ष 2024 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले की 278 ग्राम पंचायतों को भारत सरकार द्वारा टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा प्रदान किया गया था। यह उपलब्धि जिला प्रशासन द्वारा संचालित टीबी मुक्त महासमुंद अभियान की सफलता का परिणाम रही है। वर्ष 2025 में भी टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिसके क्रम में फरवरी 2026 से यह विशेष 100 दिवसीय अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिले के सभी विभागों को जोड़ा जाएगा तथा उनकी भूमिका निर्धारित की जाएगी।

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सांसद महासमुंद द्वारा जिला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर भ्रमण कर समीक्षा की जाएगी तथा सांसद निधि से उपचाररत टीबी मरीजों को सहायता प्रदान करने हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिले की कमजोर आबादी जैसे बाहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों, आदिवासी क्षेत्रों एवं उच्च जोखिम वाले कार्यरत समूहों की पहचान कर लाइन लिस्ट तैयार की जाएगी तथा निक्षय शिविरों के माध्यम से मोबाइल डायग्नोस्टिक द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर संभावित टीबी मरीजों का निःशुल्क डिजिटल एक्स-रे एवं संदिग्ध मरीजों की नॉट जांच की जाएगी। निजी चिकित्सालयों को शत-प्रतिशत टीबी मरीजों की अधिसूचना प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही जन जागरूकता अभियान चलाकर जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों से अपील की जाएगी कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लें, उन्हें फूड बास्केट उपलब्ध कराएं तथा उनके परिवारजनों की भी सहायता करें। सभी मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक सप्ताह उपचाररत टीबी मरीजों के घर जाकर उनकी नियमित निगरानी करें तथा विभागीय सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उच्च जोखिम वाले चिन्हांकित ग्रामों में समस्त आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। टीबी से होने वाली मृत्यु के मामलों में डेथ ऑडिट कर मृत्यु दर में कमी लाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

टीबी मुक्त पंचायत वर्ष 2025 के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों द्वारा दावा प्रस्तुत किया गया है, जिनका मान्य संकेतकों के आधार पर जिला स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। इसकी सतत निगरानी राज्य एवं केंद्र स्तर से की जा रही है। सत्यापन उपरांत चयनित टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को 24 मार्च 2026 को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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