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Guru Gobind Singh Jayanti 2025: 27 दिसंबर को मनाई जाएगी गुरु गोबिंद सिंह जी की 359वीं जयंती, जानिए तिथि और महत्व

By Manish Kumar|26 Dec 2025, 7:06 PM
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गुरु गोबिंद सिंह जयंती सिख धर्म का एक अत्यंत पावन और प्रमुख पर्व है। यह दिन सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर देश-भर में श्रद्धालु गुरुद्वारों में मत्था टेकते हैं और गुरु साहिब द्वारा दी गई शिक्षाओं को स्मरण करते हैं।

साल 2025 में दो बार मनाई जा रही है जयंती

साल 2025 में गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती विशेष इसलिए भी है, क्योंकि यह पर्व दो बार मनाया जा रहा है।
पहली बार यह जयंती 6 जनवरी 2025 को मनाई जा चुकी है, जबकि दूसरी बार 27 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी।
गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को आती है।

तिथि और समय (Guru Gobind Singh Jayanti 2025)

इस बार 27 दिसंबर 2025 को गुरु गोबिंद सिंह जी की 359वीं जन्म वर्षगांठ मनाई जाएगी।

  • सप्तमी तिथि की शुरुआत: 26 दिसंबर 2025, दोपहर 01:43 बजे
  • सप्तमी तिथि का समापन: 27 दिसंबर 2025, दोपहर 01:09 बजे

गुरु गोबिंद सिंह जी का ऐतिहासिक योगदान

गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन साहस, त्याग और धर्म रक्षा का प्रतीक रहा है।
उन्होंने—

  • वर्ष 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की
  • सिखों को पांच ककार—केश, कंघा, कड़ा, कच्छा और कृपाण—का महत्व बताया
  • मुगल अत्याचारों के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाई
  • गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का शाश्वत और अंतिम गुरु घोषित किया

गुरु गोबिंद सिंह जयंती कैसे मनाई जाती है?

इस पावन अवसर पर देश-भर के गुरुद्वारों में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं—

  • अखंड पाठ साहिब का आयोजन
  • कीर्तन के माध्यम से गुरु साहिब की वाणी का गायन
  • कई स्थानों पर भव्य नगर कीर्तन
  • सभी गुरुद्वारों में लंगर सेवा का आयोजन
  • जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और दवाइयों का वितरण
  • घरों में गुरबाणी पाठ और बच्चों को गुरु साहिब के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए जाते हैं

गुरु गोबिंद सिंह जयंती न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह दिन साहस, समानता, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है।

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