मध्य प्रदेश

रीवा-सतना में दृश्यता 50 मीटर तक, कोहरे और ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें; ट्रेन सेवाओं में देरी

By Admin|23 Dec 2025, 2:22 PM
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भोपाल

मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह रीवा और सतना में हालात इतने खराब रहे कि ‘ब्लाइंड मॉर्निंग’ जैसी स्थिति बन गई।  प्रदेश के कुछ जिलों में इन दिनों न्यूनतम तापमान में हल्की उछाल देखी जा रही है. इसमें मुख्य रूप से भोपाल संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. पिछले 24 घंटे की बात की जाए तो नरसिंहपुर जिले में शीतल दिन देखा गया. वहीं रीवा, सतना, छतरपुर और दतिया जैसे जिलों में शीतल दिन रहा. नर्मदापुरम के पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

इस दौरान अधिकतम तापमान अपने निचले स्तर पर रिकॉर्ड हुआ. आगर-मालवा में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. बड़े जिलों की न्यूनतम तापमान की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके अलावा जबलपुर में 9 डिग्री और ग्वालियर में 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में घने कोहरे और ठंड का अलर्ट है.

कोहरे की वजह से मालवा एक्सप्रेस करीब 4 घंटे देरी से चली, जबकि शताब्दी, सचखंड, पंजाब मेल और झेलम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों पर भी असर देखा गया।

रीवा और सतना के अलावा दमोह, खजुराहो, नौगांव, ग्वालियर, मुरैना और सीधी में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा। इन जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई।

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वहीं भोपाल, दतिया, इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, गुना, रायसेन, शिवपुरी, सागर, शाजापुर, भिंड और धार में भी कोहरे का असर देखा गया।

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में पश्चिम क्षेत्र में बना हुआ है. साथ ही सब ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाएं उत्तर भारत के राज्यों में चल रही है. प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में ठंड के साह ही मध्यम से घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की संभावना बनी हुई है. इसमें मुख्य रूप से ग्वालियर, रीवा और शहडोल संभाग के जिले शामिल है.

इन जिलों में कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में मध्यम कोहरे का अलर्ट जारी किया है. इसमें मुख्य रूप से भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और मैहर में मध्यम कोहरे की चेतावनी जारी है.

इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे इससे पहले रविवार-सोमवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर बना रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में 8.8 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री पहुंच गया।

रीवा में 5.6 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 5.9 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री, नौगांव में 7.6 डिग्री, खंडवा-सतना में 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में पारा 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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MP में इतना रहा तापमान…

नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा।

इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है।

ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं।

इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है।

अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड?

मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है।

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इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी

    ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है।

    भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है।

    सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है।

    जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

इस जिले का तापमान सबसे कम
न्यूनतम तापमान: पचमढ़ी (नर्मदापुरम) – 4.6°C (सबसे कम), रीवा – 5.6°C, कल्याणपुर (शहडोल) – 5.9°C, राजगढ़/खजुराहो (छतरपुर) – 7°C, चित्रकूट (सतना) – 7.1°C
बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान
उज्जैन – 11.4°C
ग्वालियर – 11.3°C
जबलपुर – 9°C
भोपाल – 8.8°C
इंदौर – 8.8°C

 

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