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CG : विशेष लेख : छत्तीसगढ़ में महिला विकास की नई इबारत

By kadwaghut|13 Dec 2025, 3:23 PM
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रायपुर,

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छत्तीसगढ़ में महिला विकास की नई इबारत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए बीते दो वर्षों के दौरान महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर परिवर्तनकारी कार्य हुए हैं, उन्होंने राज्य को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है।

छत्तीसगढ़ में महिला विकास की नई इबारत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कहते हैं कि हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित जीवन जिए। बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर जो कार्य किए गए हैं, वे एक विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, आजीविका, सुरक्षा और भागीदारी को हर नीति के केंद्र में रखकर आगे भी योजनाएँ लागू करती रहेगी।

शासन की महत्वकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को नई मजबूती दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को वर्चुअली लॉन्च की गई इस योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को हर माह 1,000 रुपये की प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि 22 किश्तों में उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है। महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी यह दर्शाता है कि महिला कल्याण राज्य की विकास-यात्रा का केंद्र बिंदु है।

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महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट जैसे निर्णयों ने उन्हें न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण भी प्रदान की है। इसी क्रम में 368 महतारी सदनों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जहाँ महिलाओं को प्रशिक्षण, परामर्श, कौशल विकास और सहायक सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का ऑनलाइन भुगतान शुरू कर सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता को और भी मजबूत किया है।

ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए राज्य सरकार ने स्व-सहायता समूहों को नए अवसर प्रदान किए हैं। छह जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ और सूरजपुर में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला समूहों को सौंपा गया है। वहीं 42 हजार 878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया गया है। इसके साथ ही निर्माण श्रमिक परिवारों की महिलाओं और बेटियों के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, सिलाई मशीन सहायता और दीदी ई-रिक्शा योजना जैसी पहलों ने आजीविका के नए विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना गर्भवती श्रमिक महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान कर रही है।

कन्याओं के विवाह में सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को और सशक्त बनाते हुए 50,000 रुपये की सहायता में से 35,000 रुपये सीधे कन्या के खाते में जमा करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2024-25 में 8,000 कन्याओं के विवाह हेतु 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एनआरएलएम के तहत लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों पर 800 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो देश में महिला उद्यमिता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। 

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महिला सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। नवाबिहान योजना घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और मनोसामाजिक सहायता प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जिसने सखी वन-स्टॉप सेंटर का डिजिटल वर्जन तैयार किया और इसके लिए मानक प्रक्रिया (ैव्च्) लागू की। 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसी तरह सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए शुचिता योजना के तहत 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं, जबकि 3 लाख से अधिक किशोरियों को स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराई गई है। हाई स्कूल छात्राओं को साइकिल वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण महिला समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित जशप्योर ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि, महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। महतारी वंदन योजना से लेकर नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। आने वाले समय में विभाग इन योजनाओं को और प्रभावी रूप से विस्तार देगा ताकि हर महिला अपने सपनों को साकार कर सके।

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महिला एवं बाल विकास विभाग को वर्ष 2025-26 में 8,245 करोड़ रुपये का बजट देकर सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण और सुरक्षा उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में हुए परिवर्तन यह प्रमाणित करते हैं कि महिलाओं को केंद्र में रखकर किया गया विकास न केवल सुशासन की पहचान है बल्कि एक प्रगतिशील समाज की आधारशिला भी है। छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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