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बढ़ती यात्री संख्या के बीच रांची से जल्द शुरू हो सकती हैं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

By Admin|03 Jul 2026, 8:16 PM
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रांची
 झारखंड के लोगों का वर्षों पुराना सपना अब धीरे-धीरे हकीकत की ओर बढ़ता दिख रहा है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का आकलन कर अपनी रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दी है।

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रिपोर्ट में एयरपोर्ट पर उपलब्ध संसाधनों, सुरक्षा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए जरूरी व्यवस्थाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है। अब अंतिम फैसला केंद्र सरकार के स्तर पर लिया जाना है।

अगर सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हुईं तो आने वाले वर्षों में रांची देश के चुनिंदा ऐसे शहरों में शामिल हो सकता है, जहां से घरेलू उड़ानों के साथ अंतरराष्ट्रीय सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। रांची एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने की सबसे बड़ी वजह इसकी लगातार बढ़ती यात्री संख्या और झारखंड से विदेश जाने वाले यात्रियों की बढ़ती मांग मानी जा रही है।

वर्तमान में बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद के रास्ते दुबई, सिंगापुर, बैंकाक, कतर, मलेशिया और अन्य देशों के लिए उड़ान भरते हैं। यदि रांची से सीधी अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू होती है, तो यात्रियों का समय और खर्च दोनों कम होंगे।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए एयरलाइंस कंपनियों की रुचि, पर्याप्त यात्री संख्या, द्विपक्षीय उड़ान अनुमति और राज्य सरकार का सहयोग भी उतना ही जरूरी होगा।

अंतरराष्ट्रीय सुविधा बहाल करने के लिए स्थान चिन्हित
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कस्टम, इमिग्रेशन और क्वारंटीन (सीआईक्यू) व्यवस्था है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इन सुविधाओं के लिए आवश्यक स्थान चिह्नित किया जा चुका है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही संबंधित विभागों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू होगी।

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इसके बाद विदेश जाने वाले यात्रियों की पासपोर्ट जांच, कस्टम क्लीयरेंस और अन्य औपचारिकताएं रांची एयरपोर्ट पर ही पूरी हो सकेंगी। एयरपोर्ट प्रबंधन ने अंतराष्ट्रीय सेवा बहाल करने के लिए कई एयरलाइंस कंपनियों से भी संपर्क किया है। शुरुआत खाड़ी देशों के लिए सीधी उड़ानों से हो सकती है, क्योंकि झारखंड से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए वहां जाते हैं।

एयरपोर्ट को मिल चुका है आईएसओ प्रमाण पत्र
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। लगभग 19 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैले इस टर्मिनल में एक समय में करीब 500 यात्रियों को संभालने की क्षमता है।

आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, पर्याप्त चेक-इन काउंटर, विस्तृत आगमन-प्रस्थान क्षेत्र और भविष्य के विस्तार की भी व्यवस्था की गई है। रांची एयरपोर्ट पहले ही आईएसओ प्रमाणन प्राप्त कर चुका है।

सुरक्षा के लिहाज से आधुनिक एक्स-रे बैगेज स्कैनर, सीसीटीवी निगरानी, फायर सेफ्टी सिस्टम तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। एयरपोर्ट पर रनवे और एप्रन की क्षमता भी वर्तमान परिचालन के अनुरूप मजबूत मानी जा रही है।

विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढोतरी
झारखंड में विदेशी पर्यटकां की संख्या में बढोत्तरी हुई है। राज्य गठन के साथ सिर्फ 172 विदेशी पर्यटक सलाना आते थे। अब दो लाख से अधिक विदेशी पर्यटक सलाना आते है। गत वर्ष 3.31 लाख पर्यटक प्रदेश में आए, जिसमें से 1.76 विदेशी पर्यटक की संख्या रही।

प्रदेश से विदेश जाने वालों की संख्या बढ़ी
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से वर्ष 2013 से दिसंबर 2025 तक करीब 10.98 लाख पासपोर्ट बनाया गया। कोरोना काल के बाद से पासपोर्ट बनवाने वालो की संख्या लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2022 में 1 लाख 900, वर्ष 2023 में एक लाख नौ हजार, वर्ष 2024 में एक लाख 12 हजार और वर्ष 2025 में एक लाख 13 हजार पासपोर्ट जारी हुए। पासपोर्ट बनाने के बाद लोग बड़ी संख्या में विदेश जहा रहे हैं।

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क्यों जरूरी है रांची से अंतरराष्ट्रीय उड़ान
-दिल्ली या कोलकाता होकर विदेश जाने की मजबूरी खत्म होगी।
-यात्रा का समय 4 से 8 घंटे तक कम हो सकता है।
-झारखंड के प्रवासी श्रमिकों और कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
-मेडिकल, शिक्षा और पर्यटन के लिए विदेश जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
राज्य में निवेश और उद्योग को भी नई गति मिलने की संभावना बढ़ेगी।

अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने से पहले क्या है जरूरी
-केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय दर्जे की अंतिम मंजूरी।
-कस्टम, इमिग्रेशन और क्वारंटीन (सीआईक्यू) की स्थापना।
-एयरलाइंस कंपनियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय रूट पर परिचालन की घोषणा।
-संबंधित देशों के साथ स्लॉट और उड़ान अनुमति।
-पर्याप्त यात्री मांग और व्यावसायिक व्यवहार्यता सुनिश्चित होना।

    बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने के लिए की मंत्रालय व एयरलांस कंपनियां को भी पत्र लिखा गया है। रांची एयरपोर्ट कस्टम, इमिग्रेशन और अन्य सुविधाओं के लिए एयरपोर्ट में जगह उपलब्ध है। एयरपोर्ट अंतराष्ट्रीय उडान के लिए तैयार है। पूर्व में वर्ष 2008-09 में रांची से जेद्दा के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती थी।
    -विनोद कुमार, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट निदेशक

 

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