मध्य प्रदेश

वोटर लिस्ट में लाखों मृत मतदाता, SIR ने किया खुलासा – 8.13 लाख मृत मतदाताओं की पहचान की गई

By Admin|10 Dec 2025, 9:02 AM
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भोपाल 

 मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम लगातार जारी है। जिसके तहत एन्युमरेशन फॉर्मों को डिजिटलाइज करने का काम जारी है। निर्वाचन सदन के मुताबिक 99 प्रतिशत से ज्यादा फॉर्म डिजिटलाइज किए जा चुके है। जिसके तहत मध्यप्रदेशमें अब तक 8.13 लाख मृत मतदाताओं की पहचान की जा चुकी है। 2,43 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं। जिनके दो जगह नाम मिले है।

10 दिसंबर तक बैठकें आयोजित

निर्वाचन सदन द्वारा फॉर्म प्रकाशन और प्राप्ति के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान और सत्यापन के लिए बैठकें होंगी। सभी मतदान केंद्रों पर 6 दिसंबर से 10 दिसंबर तक बीएलओ बीएलए और अन्य सहयोगियों की बैठकें आयोजित की जाएगी।

चुनाव आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय सभी जिलों में एसआईआर प्रक्रिया तेजी से करवा रहा है और दिन में तीन बार कलेक्टरों से रिपोर्ट ले रहा है। 27 अक्टूबर को वोटर लिस्ट फ्रीज होने के बाद 4 नवंबर से एसआईआर का कार्य शुरू हुआ था, जिसका प्रारूप परिणाम 16 दिसंबर को प्रकाशित होगा। अभी शिफ्टेड मतदाताओं की सूची प्राप्त नहीं हुई है, जो प्रकाशन से पहले स्पष्ट की जाएगी।

फार्म नहीं भरा तो कट सकता है वोट

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को एसआईआर फार्म मिला है, उन्हें 2003 की एसआईआर के आधार पर परिजनों/खुद की जानकारी देना अनिवार्य है। यदि कोई मतदाता बीएलओ के लगातार प्रयासों के बाद भी फार्म जमा नहीं करता, तो उसका नाम भी 16 दिसंबर की सूची से हटाया जा सकता है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन ने अपील की है कि सभी मतदाता समय रहते फार्म जमा करें, ताकि नाम कटने की स्थिति से बचा जा सके।

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किन जिलों में सबसे अधिक मृत वोटर्स?

सूत्रों के अनुसार जबलपुर और सागर में मृत मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा, जबकि सीहोर और पन्ना में सबसे कम पाई गई है। हालांकि आयोग ने इन आंकड़ों को अभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है।

10 दिसंबर तक होगा सत्यापन

एसआईआर कार्यवाही के तहत अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डबल-एंट्री वाले मतदाताओं की पहचान के लिए 10 दिसंबर तक हर मतदान केंद्र पर BLO–BLA की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रदर्शित सूचियों का राजनीतिक दलों से अवलोकन कराने और 11 दिसंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा तय की गई है, ताकि BLO ऐप के माध्यम से समय पर संशोधन किया जा सके।

जबलपुर और साग्र में सबसे ज्यादा मामले

एसआइआर से मिले अब तक के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मृत मतदाता प्रदेश के जबलपुर और सागर जिले में चिह्नित हुए हैं। और सबसे कम सीहोर और पन्ना में मिले है। हालांकि एसआइआर प्रक्रिया अभी जारी होने से आंकड़ों में बढ़ोत्तरी संभव है। इन नामों को सूची से बाहर किया जाएगा। वहीं गणना पत्रक प्राप्त होने पर अनुपस्थित स्थानांतरित, मृत एवं वोहरी प्रविष्टि को छोड़कर अन्य के नाम प्रारूप सूची में शामिल होंगे।

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