छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : अंत समय में हमारी जैसी मति होगी वैसी ही हमारी गति होगी: समयप्रभ …

By kadwaghut|08 Sep 2026, 10:32 AM
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राजनांदगांव l जैन बगीचा स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय भवन में अपने नियमित चातुर्मासिक प्रवचन में खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य समयप्रभ सागर ने सोमवार को कहा कि अगर क्वांटिटी देखोगे तो क्वालिटी को भूल जाइए और अगर क्वालिटी चाहिए तो क्वांटिटी भूल जाइए। हमें क्वांटिटी नहीं क्वालिटी देखनी चाहिए। कहा कि क्वालिटी ठीक नहीं तो क्वांटिटी का कोई मतलब नहीं रह जाता, इसलिए हमें क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए। हम भवों में रमन करते रहते हैं। हमारी मति अच्छी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा िक अंत समय में हमारी जैसी मति होगी, वैसी ही हमारी गति होगी। पुण्य को बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा धर्म आराधना करनी चाहिए। जब भवों में हम रमन करते हैं तब इन भवों में मिलने वाले पुण्य का संचय होता है। यही पुण्य हमारे काम आता है। आपका सामान्य व्यवहार भी आप नहीं निभा पाते हो। उपकार के प्रति आपकी कृतज्ञता कहां चली जाती है। उपकारी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और बच्चों को संस्कार देना कभी भी ना भूलें।

संस्कार ही बहुत काम आता है: मुनिश्री ने कहा कि बच्चा जब तक नासमझ होता है, तब तक उसमें संस्कार के बीज बेना आसान होता है। बच्चा जैसे-जैसे समझदार होते जाता है, उसमें संस्कार डालना उतना ही कठिन होता जाता है। समझदार होने के बाद तो वह अपनी दुनिया में चला जाता है। बचपन में दिया गया संस्कार ही बहुत काम आता है। इस दुनिया में फूल और कांटे बिखरे पड़े हैं। आप फूल को चुनिए और आराधना के मार्ग में आगे बढिये। संवत्सरी पर्व कल से शुरू हो रहा है। यह आराधना का पर्व है और यह पर्व हमें उन्नत मार्ग पर ले जाता है।

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