छत्तीसगढ़

माओवादी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी: DVCM कन्ना और उसकी पत्नी उर्मिला समेत 6 नक्सली ढेर, आतंक का अंत

By Admin|13 Nov 2025, 6:33 PM
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बीजापुर

मंगलवार को नेशनल पार्क के जंगलों में हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने 27 लाख रुपये के इनामी 6 कुख्यात माओवादियों को मार गिराया है। वहीं घटना स्थल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और माओवादी सामग्री बरामद हुई है। इस नक्सल ऑपरेशन में मोस्ट वांटेड DVCM कन्ना और पापाराव की पत्नी उर्मिला के आतंक का अध्याय अब समाप्त हो गया है।

जानकारी के अनुसार, DKSZCM पापाराव, मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, DVCM उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। यह मुठभेड़ कांदुलनार-कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में हुई, जो सुबह 10 बजे से शुरू हुई और करीब शाम तक चली।

बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार, कचलारम एवं गुज्जाकोंटा के जंगलों में SZCM पापाराव, मड्डेड़ एरिया कमेटी के इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च अभियान शुरू किया गया।

इस अभियान के दौरान 11 नवंबर 2025 की सुबह 10 बजे से डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा एवं एसटीएफ की संयुक्त टीमों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही। सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 6 माओवादियों के शव, ऑटोमैटिक हथियार (इंसास, 9एमएम कार्बाइन, .303 राइफल सहित), विस्फोटक सामग्री एवं माओवादी साहित्य बरामद हुआ।

आज बीजापुर जिला मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ स्मृतिक राजनाला एवं उप महानिरीक्षक केआरपीएफ ऑप्स राकेश चौधरी ने नेशनल पार्क एरिया में संचालित अभियान और मुठभेड़ के संबंध में जानकारी दी।

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मुठभेड़ में बरामद शव की पहचान

DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना – उम्र 35 वर्ष, गुडडीपाल थाना, मोदकपाल जिला बीजापुर। मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी। इनाम 8 लाख रुपये। कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड, जिसमें ग्रामीणों की हत्या, IED ब्लास्ट, आगजनी, डकैती, मोबाइल टावर जलाना और शिक्षादूतों का अपहरण शामिल है।

    DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना, उम्र 35 वर्ष, निवासी गुडडीपाल, थाना मोदकपाल, जिला बीजापुर। पदनाम: डीव्हीसीएम, प्रभारी मद्देड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

कन्ना उर्फ बुचन्ना माओवादियों के बड़े कैडर में शामिल था और कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड रहा। पिछले एक दशक में उसने पुलिस, आम नागरिक और विकास कार्यों को निशाना बनाने वाली कई घटनाओं को अंजाम दिया। उसके खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में 42 आपराधिक मामले और 18 स्थायी वारंट लंबित हैं।

DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना ऊर्फ बुचन्ना कुड़ियम के खिलाफ दर्ज प्रमुख घटनाएं

कैंप अटैक – जुलाई 2008 में कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट और जनवरी 2016 में नुकनपाल कैम्प हमला में शामिल, जो सुरक्षाबलों की तत्परता से असफल रही।

ग्रामीणों की हत्या – पुलिस मुखबिरी के संदेह में 20 से ज्यादा ग्रामीणों की हत्या में शामिल, जिनमें वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत चिन्नाकोडेपाल के उपसरपंच की हत्या भी शामिल है।

IED ब्लास्ट – कुल छह आईईडी विस्फोटों का मुख्य योजनाकार था । नवंबर 2017 में थाना भद्रकाली क्षेत्र में हुए एक विस्फोट में आरक्षक संतोष यादव शहीद हुए थे।

आगजनी – फरवरी 2018 में कांकेर रोडवेज़ की यात्री बस सहित चार वाहनों को आग लगाने की घटनाओं का मास्टरमाइंड था।

डकैती – दिसंबर 2024 में थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुज्जाकोंटा में डकैती की वारदात को अंजाम दिया।

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मोबाइल टावर जलाना – चिन्नाकवाली (अप्रैल 2025), आदेड़ (मई 2024) और कांदुलनार (जून 2025) में संचार टावर जलाने की घटनाओं का संचालन किया, ताकि जनता के संपर्क तंत्र को बाधित किया जा सके।

शिक्षादूतों का अपहरण और हत्या – वर्ष 2025 में नेशनल पार्क एरिया में पील्लूर एवं टेकामेटा के दो शिक्षादूतो का अपहरण कर हत्या करने की घटना में शामिल था।

कन्ना उर्फ बुचन्ना की मौत से क्षेत्र में फैले आतंक का लंबा अध्याय समाप्त हुआ। घटनास्थल से बरामद दस्तावेज़ और डिजिटल सामग्री से पता चलता है कि उसका अर्बन नेटवर्क से गहरा संबंध था। पुलिस अब इस नेटवर्क के तार खंगालने में जुटी है।

    DVCM उर्मिला, पत्नी पापाराव (DKSZCM), निवासी चिंतलनार, जिला सुकमा। पदनाम: सचिव, पामेड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम था।

उर्मिला मोस्ट वांटेड माओवादी कैडर थी और पापाराव की पत्नी थी। वह पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी और संगठन की सबसे हिंसक एरिया कमेटियों में सक्रिय रही। उसने माओवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया और PLGA बटालियन की रसद व्यवस्था संभाली। उसकी मौत से पामेड़ एरिया कमेटी और संगठन की आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा।

    ACM जगत तामो उर्फ मोटू, निवासी फुल्लोड़, थाना जांगला, जिला बीजापुर। पदनाम: एसीएम, मद्देड़ एरिया कमेटी। 5 लाख रुपये का इनाम था।
    PM देवे, निवासी मीनागट्टा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, पामेड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम।
    PM भगत, निवासी भैरमगढ़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, मद्देड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम ।
    PM मंगली ओयाम, निवासी पेद्दोजोजेर, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य। 2 लाख रुपये का इनाम।

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मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री

    2 नग इंसास रायफल,05 मैग्जीन, 68 कारतूस
    1 नग 9mm काबाईन, 03 मैग्जीन, 22 कारतूस
    1 नग .303 रायफल, 01 मैग्जीन 13 कारतूस
    1 नग Single Shot Rifle,
    1 नग 12 बोर बंदूक, 08 कारतूस
    रेडियो, स्केनर, मल्टीमीटर, हेण्ड ग्रेनेड,सेफ्टी फ्यूज, माओवादी साहित्य, पोच, माओवादी वर्दी, मेडिकल सामग्री एवं अन्य सामग्री

जनवरी 2024 से अब तक कुल 202 माओवादी ढेर

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 144 माओवादी को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है । वही अलग अलग थाना क्षेत्रों में चलाये गये अभियान में 499 माओवादी गिरफ्तार हुए एवं 560 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया ।

जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान में कुल 202 माओवादी मारे गए, 1002 माओवादी गिरफ्तार हुए और 749 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए।

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