छत्तीसगढ़

सेवा सेतु छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल क्रांति का नया अध्याय

By Admin|07 May 2026, 6:46 PM
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रायपुर

छत्तीसगढ़ में शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में “सेवा सेतु” एक गेम-चेंजर पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को नागरिकों की उंगलियों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी विजन का परिणाम है कि आज आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र से लेकर राशन कार्ड और भू-नक़ल तक की 441 से अधिक सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। डिजिटल युग में सुशासन का असली अर्थ है सेवाओं का सरलीकरण और समयबद्धता। “सेवा सेतु” इसी सोच को साकार कर रहा है, जो छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।

डिजिटल सुशासन- कार्यालयों के चक्करों से मिली मुक्ति

एक समय था जब नागरिकों को प्रमाण-पत्र बनवाने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों की दौड़ लगानी पड़ती थी। इसमें न केवल समय और श्रम की बर्बादी होती थी, बल्कि बिचौलियों का डर भी बना रहता था। “सेवा सेतु” ने इस पारंपरिक ढर्रे को बदलते हुए “वन स्टॉप सॉल्यूशन” पेश किया है। अब नागरिक घर बैठे या नजदीकी लोक सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। तकनीकी उन्नयन की दिशा में राज्य ने लंबी छलांग लगाई है। छत्तीसगढ़ के पुराने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जहाँ केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं नए और उन्नत “सेवा सेतु” प्लेटफॉर्म पर अब 441 सेवाएं लाइव हैं।

इस पोर्टल पर 30 से अधिक विभागों को एक साथ जोड़ा गया है

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इस नई सेवा में 54 नई सेवाओं के साथ विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का सफल एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल्स पर भटकना नहीं पड़ता। छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में सेवा देना अब केवल कागजी नियम नहीं, बल्कि हकीकत है। पिछले 28 महीनों के आंकड़े इसकी सफलता की कहानी बयां करते हैं। कुल  75 लाख 70 हजार से अधिक आवेदनों में से 68 लाख 41 हजार से अधिक मामले का निराकरण किया जा चुका है। इस प्रकार 95 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर किया गया।

प्रमाण-पत्रों की डिजिटल सुलभता

आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक मांग बुनियादी प्रमाण-पत्रों की रही है। चिप्स (ब्भ्पच्ै) कार्यालय के मुताबिक आय प्रमाण-पत्ररू 32 लाख से अधिक आवेदन, मूल निवास, जाति प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन और भू-नक़ल सेवाओं का भी बड़े पैमाने पर डिजिटल उपयोग हुआ है।

व्हाट्सएप और डिजिटल ट्रांजेक्शन- पहुँच हुई और भी आसान

तकनीक को जन-जन तक पहुँचाने के लिए अब “सेवा सेतु” को व्हाट्सएप से भी जोड़ दिया गया है। डिजिटल इंडिया की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 3.3 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं।

पारदर्शिता और विश्वास का नया मॉडल

“सेवा सेतु” केवल एक तकनीकी पोर्टल नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के कारण अब हर आवेदन की रीयल-टाइम निगरानी संभव है, जिससे अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई है। यदि इसी गति से सुधार जारी रहा, तो छत्तीसगढ़ का यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

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