छत्तीसगढ़

CG : आजीविका डबरी से बदली किसान पिताम्बर बरेठ की तस्वीर …

By kadwaghut|28 Jul 2026, 4:15 PM
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नवागढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मोर गांव मोर पानी अभियान और विकसित भारत जी-राम-जी योजना प्रदेश के किसानों के लिए समृद्धि का नया आधार बन रही है। जल संरक्षण आधारित कार्यों के माध्यम से किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो रही है, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। इतिहास जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पचेड़ा के लघु कृषक पिताम्बर बरेठ इसका प्रेरक उदाहरण हैं। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 0.907 लाख रूपए की लागत से उनके खेत में कृषि एवं आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया। डबरी के निर्माण से वर्षा जल का प्रभावी संचयन संभव हुआ है, जिससे अब उन्हें वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है।

डबरी निर्माण के दौरान 299 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को भी रोजगार मिला। जल उपलब्धता बढ़ने से श्री बरेठ अब खेती के साथ मत्स्य पालन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और कृषि गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी। पिताम्बर बरेठ ने बताया कि पहले सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण खेती प्रभावित होती थी, लेकिन आजीविका डबरी बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। अब उन्हें बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद है और मत्स्य पालन से अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी। विशेषज्ञों के अनुसार आजीविका डबरी जैसे जल संरक्षण कार्य न केवल किसानों को सिंचाई का स्थायी आधार प्रदान करते हैं, बल्कि भू-जल स्तर में सुधार, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रहे हैं।

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