छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री साय ने कहा, डबल इंजन सरकार ने नक्सलवाद को दूर कर प्रदेश के विकास में गति दी

By Admin|20 Mar 2026, 4:06 PM
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प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को डबल इंजन की सरकार ने किया दूर : मुख्यमंत्री साय

नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रशिक्षु सैन्य और गैर सैन्य अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

विदेशी मेहमानों ने कहा – अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा

राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की हुई सराहना

नेशनल डिफेंस कॉलेज का 15 सदस्यीय अध्ययन दल 05 दिवसीय यात्रा पर पहुंचा है छत्तीसगढ़

रायपुर 
छत्तीसगढ़ की हमारी धरती   सघन वन, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा के विपुल भंडार, लोक संस्कृति की अमूल्य विरासत और नैसर्गिक सौन्दर्य का अद्भुत संगम है। इस सुंदर धरती के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को हमारे डबल इंजन की सरकार ने अब दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य एवं सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का स्वागत करते हुए शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को सैन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।

         मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साय ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है, जिससे आने वाले समय में इतनी ही अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी।

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         मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल समस्या समाप्ति की ओर है। इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज होगी। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा 05 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, खान पान, रीति रिवाज परंपरा पर खुलकर बातें की और अपने राजनीतिक और सामाजिक अनुभव भी उनके साथ साझा किए। 

विदेशी मेहमानों ने कहा – अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा

          अध्ययन दल में शामिल विदेश के सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए कहा कि राज्य भौगोलिक विविधताओं और उर्वर भूमि से समृद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की।
             एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्य हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं—का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया।

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         इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आईजी ओ पी पाल, अध्ययन दल में आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर, म्यांमार कर्नल लू जॉ आंग, ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, जापान के कर्नल उचीनो तोमोफुमी, ब्रिगेडियर कुंवर मान विजय सिंह राणा, सुसुप्रिया घाघ, ब्रिगेडियर शिशिर थमैय्या, बांग्लादेश के ब्रिगेडियर जनरल फिरदौस आरिफ अहमद, ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिते, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर मूलनाथ गिरीश, डॉ. राजेश कुमार अस्थाना, भूटान के कर्नल समतेन चेनोर, ग्रीस के कर्नल कॉन्सटेंटिनॉस नीरस शामिल है। 

           उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक साल का कोर्स आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वाँ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें 120 सैन्य तथा गैर सैन्य अधिकारियों का दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुँचा, जिसमें 05 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल है। प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने नया रायपुर में शहर की व्यवस्था और प्लान, कृषि और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया। इसके साथ ही बस्तर में सुरक्षा संबंधी विषयों से जुड़ी विशेष चर्चा, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्य, पर्यटन स्थल, विभिन्न शासकीय आयोजनों में बस्तर की कला-संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव में शिल्पग्राम का भ्रमण किया। अगले दिन उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का भ्रमण कर कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।

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