छत्तीसगढ़

सीएम बने आम ग्राहक: घरेलू सामान की खरीदारी में महसूस किया जीएसटी कटौती का असर

By Admin|24 Sep 2025, 9:21 PM
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मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया

जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक

जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते

प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत

रायपुर,

राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं।

दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है।

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इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।”

जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है

मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।”

स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो

राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।”

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चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान

मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।”

देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी

शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।”

बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका

श्रीमती सविता मौर्य और श्रीमती अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।”

उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

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