मध्य प्रदेशराज्‍य

पन्ना की बांध परियोजनाओं पर मोहन सरकार का बड़ा निर्णय, हर विस्थापित को ₹12.50 लाख; मुआवजे के लिए ₹202 करोड़ अतिरिक्त

By Admin|10 Jul 2026, 5:06 PM
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पन्ना 
 मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने केन बेतवा लिंक परियोजना से जुड़ी मझगाय डैम और रुंझ डैम परियोजना के विस्थापितों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने विस्थापित के लिए अहम फैसला लेते हुए 202.50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कर दी है. इसका सीधा फायदा मुआवजा पाने वाले विस्थापितों को मिलेगा। 

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कितना होगा विस्थापितों को फायदा?
रुंझ डैम परियोजना व मझगाय डैम परियोजना के विस्थापितों को सीधे तौर पर 7.5 लाख रु का अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा. पहले जहां ये राशि ₹5 लाख रु थी, तो वहीं अब इसमें 7.5 लाख रु और जोड़ दिए गए हैं. इससे विस्थापितों को मुआवजा राशि 12 लाख 50 हजार दिए जाएंगे. लंबे समय से विस्थापित यही मांग कर रहे थे कि उन्हें मुआवजे का पैकेज 12.50 लाख रु दिया जिसे मोहन यादव सरकार ने स्वीकार करते हुए पन्ना जिले के लिए 202.50 करोड रुपए का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है। 

12.50 लाख हर विस्थापित के खाते में
कैबिनेट के इस फैसले के बार में बताते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री व पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, '' मुख्यमंत्री द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना एवं रुन्झ डैम परियोजना और मझगाय डैम परियोजना के लिए अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है. यह राहत भरी राशि है क्योंकि बहुत दिनों से ग्रामीण इसकी मांग कर रहे थे. अब उन्हें 5 लाख रु की जगह 12.50 लाख रु का पैकेज दिया जाएगा. भूमि अधिकरण की धारा 11 के तहत मुआवजा पन्ना जिले में 2022 में लागू हुआ था और छतरपुर जिले में 2024 में लागू हुआ था यह विसंगति केन बेतवा लिंक परियोजना में थी इसलिए इसमें सुधार कर अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है. यह बहुत ही हर्ष का विषय है. मैं पन्ना की जनता की तरफ से मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करता हूं। 

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पानी की सप्लाई रोक दी
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने विरोध स्थल पर पीने के पानी की सप्लाई रोक दी है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजर्गों को नदी का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि पानी पीने के बाद कई लोग बीमार पड़ गए हैं। उन्होंने अधिकारियों पर उनकी शिकायतों को दूर करने के बजाए उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

पात्र परिवारों को मिलेंगे 12.5 लाख रुपए मिलेंगे एकमुश्त
इस बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री और पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने मझगवां, रुंज और केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्टस से विस्थापित परिवारों के लिए एक विशेष पुनर्वास पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज के तहत पात्र परिवारों को 12.5 लाख रुपए तक एकमुश्त पुनर्वास अनुदान मिलेगा।

दोषियों पर कार्रवाई तक आंदोलन चलेगा सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने बताया कि यह केवल मुआवजे की नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि आंशिक सफलता मिली है, लेकिन जब तक हर प्रभावित परिवार को न्याय नहीं मिलता और कथित दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

वर्तमान में धरना स्थल पर आमरण अनशन, मिट्टी सत्याग्रह, जल सत्याग्रह और चिता आंदोलन एक साथ चल रहे हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी सभी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

आंदोलन वापस नहीं लेंगे
वहीं, उफनदी नदी में कमर तक पानी में खड़े प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे। जय किसान संगठन के बैनर तले हो रहे इस विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में मिट्टी सत्याग्रह भी चल रहा है।

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