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राजधानी में 24 से 26 अप्रैल तक राष्ट्र कवि दिनकर की कालजयी रचना रश्मिरथी पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे

By Admin|23 Apr 2026, 11:42 AM
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राजधानी में 24 से 26 अप्रैल तक राष्ट्र कवि दिनकर की कालजयी रचना रश्मिरथी पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे

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इसी श्रृंखला में भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी, बाल गंगाधर तिलक, स्वामी विवेकानन्द के जीवन संवाद तथा कविताओं पर आधारित नृत्य नाटिकाएं प्रस्तुत की जायेगी-जयवीर सिंह

यह आयोजन महापुरूषांे के कृतित्व एवं व्यक्तित्व से युवा पीढ़ी को जोड़ने 
का एक प्रयास-शाही

लखनऊ

राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्य तिथि के अवसर पर उनकी कालजयी रचना रश्मिरथी के 75 वर्ष पूरा होने पर राजधानी लखनऊ में भव्य रश्मिरथी पर्व का आयोजन 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान साहित्य, विरासत और राष्ट्र चेतना का अनूठा संगम दर्शकों को देखने को मिलेगा। 

यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज मीडिया सेंटर लोकभवन मंे आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान दी। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही भी उपस्थित थे। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस रश्मिरथी के साथ-साथ स्वामी विवेकानन्द, बाल गंगाधर तिलक और भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व तथा काव्य पर आधारित नाट्य का मंचन एवं नृत्य नाटिकायंे प्रस्तुत की जायेगी।

श्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को राष्ट्र नायकों, लेखकों तथा साहित्यकारों के कृतित्व एवं व्यक्तित्व से जोड़ना है। इसके साथ राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनको श्रद्धांजली भी देना है। लखनऊ में आयोेेेेजित आयोजन मंे जनपद मऊ निवासी तथा मुम्बई के प्रख्यात रंगकर्मी मुजीब खान के नेतृत्व में नाटक का मंचन किया जायेगा। शिमला की प्रसिद्ध कत्थक कलाकार पूनम शर्मा के निर्देशन में अटल स्वरांजलि नामक संगीतमय नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जायेगी, जो अटल जी की प्रसिद्ध कविताओं पर आधारित होगी। 

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राष्ट्र कवि दिनकर की रचनाएं आजादी के दौरान भारतीयों के मन में जोश और स्वाभिमान का संचार करती थी, उनकी ओजस्वी वाणी ने देशवासियों को आजादी के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। स्वतंत्रता के बाद भी राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी सेवायें दी तथा अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। उनकी प्रमुख रचनाओं में रश्मिरथी, हुंकार, कुरूक्षेत्र, उर्वशी, परशुराम की प्रतिक्षा और संस्कृत के चार अध्याय आदि शामिल हैं। 

यह आयोजन न केवल दिनकर जी की साहित्यिक विरासत को सम्मान देने का अवसर है, बल्कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और मूल्यों से जोड़ने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि रश्मिरथी पर्व के जरिए समाज में राष्ट्र चेतना, स्वाभिमान और अपने सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता लाना है। इसके साथ ही विद्यालयों के बच्चों को भी जोड़ा जायेगा। नाटक के दौरान मीडिया बन्धुओं के लिए सीट आरक्षित की जायेगी। नाट्य मंचन के माध्यम से गांव देहात, विश्वविद्यालय के छात्रों तक राष्ट्र नायकांे के बारे में संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा।
कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राष्ट्र कवि दिनकर के व्यक्तित्व को नये सिरे से समझने की जरूरत है। उन्होंने समाज सुधारक के रूप में भी कार्य किया। इसके साथ साहित्य साधना के माध्यम से देशवासियों में आजादी के लिए हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम की श्रृंखला में और भी महापुरूषों के जीवन पर मंचन होगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जायेगा।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य श्री अमृत अभिजात ने आयोजन के महत्व एवं पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महापुरूषों के योगदान पर नृत्य नाटिकाओं का मंचन करने का आदेश दिया था। इसी कड़ी में राष्ट्र कवि दिनकर के जीवन एवं रचनाओं पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया।

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