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कम पढ़े-लिखे ठग बना रहे डॉक्टर-प्रोफेसर को निशाना

By Admin|13 Apr 2026, 5:19 PM
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पटना

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पटना में औसतन हर माह करीब 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। शहर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग गिरोह खुद को कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके उनकी पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं। ठग शेयर मार्केट में निवेश, क्रिप्टोकरेंसी सहित अन्य झांसे देकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। खास बात यह भी है कि ठगी करने वाले लोग कम शिक्षित होने के बावजूद डॉक्टरों और प्रोफेसरों को शिकार बना रहे हैं। ठग अच्छे कम्युनिकेशन स्किल के कारण अपने इरादों में कामयाब हो जाते हैं।

कई पेशेवर बने ठगी के शिकार
पटना में हुईं ठगी की वारदातों पर नजर डालें तो पीड़ितों में से बहुत सारे डॉक्टर, प्रोफेसर, बड़े कारोबारियों के अलावा आईआईटी के छात्र तक शामिल हैं। इन उच्च शिक्षित वर्ग के लोगों को मैट्रिक और 11वीं तक शिक्षित शातिर बदमाश जाल में फंसा रहे हैं और लाखों रुपये हड़प रहे हैं। पटना की साइबर पुलिस ने जिन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, उनमें से अधिकतर कम शिक्षित हैं।

जाल में फंसाने वाला कम्युनिकेशन स्किल
बताया जाता है कि कम औपरचारिक शिक्षा लेने के बावजूद ठगों के कम्युनिकेशन स्किल अच्छे होते हैं। वे हिंदी के साथ अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में भी फर्राटे से बातचीत करते हैं।
उनके प्रभाव में आकर लोग उनके जाल में फंस जाते हैं।
पटना में हाल ही में साइबर ठगों ने पटना यूनिवर्सिटी की रिटायर महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाया और उनसे 3.07 करोड़ रुपये हड़प लिए। वे अलग-अलग झांसे देकर डॉक्टरों, अधिकारियों, कारोबारियों के साथ-साथ आईआईटी के छात्रों को भी शिकार बना चुके हैं।

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हर माह साइबर ठगी की 206 वारदातें
साइबर पुलिस के मुताबिक पटना में हर माह औसतन 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। सन 2025 में साइबर थाने में साइबर ठगी के 2602 केस दर्ज हुए थे। जारी साल में जनवरी और फरवरी में 284 केस दर्ज हुए हैं। साइबर पुलिस ने पिछले साल 139 और इस साल अब तक 35 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कुल मामलों में से करीब 30 प्रतिशत मामलो में ठगी शेयर मार्केट में निवेश और एपीके फाइल भेजकर की गई है।

पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क
बताया जाता है कि, बिहार में साइबर ठग नालंदा, नवादा, शेखपुरा और जमुई के हैं। वे पटना में किराए के फ्लैटों और मकानों से गिरोह चला रहे हैं। दक्षिणी पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क तेजी से फैला है। वे रामकृष्ण नगर, पत्रकार नगर और बेऊर इलाके को अपना ठिकाना बना रहे हैं। बीते दो सालों में 80 प्रतिशत मामलों में अपराधी इन्हीं क्षत्रों से गिरफ्तार किए गए हैं। पिछले माह साइबर पुलिस ने एक गिरोह के छह ठगों को गिरफ्तार किया था। यह सभी मैट्रिक तक शिक्षित हैं।

सोशल मीडिया से सीख रहे ठगी के गुर
पता चला है कि ज्यादातर ठग किशोर और युवा हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए ठगी के तरीके सीखते हैं। यू-ट्यूब और टेलीग्राम जैसी सोशल मीडिया साइटों पर साइबर ठगी को अंजाम देने के तरीके सिखाने वाले कई वीडियो उपलब्ध हैं। वे इन्हीं वीडियो से ठगी के गुर सीखते हैं। ये साइबर ठग ठगी के लिए सॉफ्टवेयर आईटी पेशेवरों की मदद से तैयार कराते हैं।

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