छत्तीसगढ़कोरबा जिला

CG : नई मैडम…नया सर.. युक्ति युक्तकरण से स्कूलों में पढ़ाई हुई बेहतर

By lokesh sharma|06 Sep 2025, 11:25 AM
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पहली से लेकर बारहवीं तक के रिक्त पदों में शिक्षको की पदस्थापना से बदला माहौल

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दूरस्थ गाँव में शिक्षकों को भी मिलने लगा है सम्मान के साथ पहचान

  • लेख-कमलज्योति

कोरबा, वक़्त का पहिया बहुत तेजी से आगे बढ़ गया है…गाँव का वह तालाब, तालाब के किनारे का पेड़, पेड़ पर घोंसला, गांव के गौटियां के घर के पास का कुआं, कीचड़ वाले रास्ते, खपरैल वाले घर और उन घरों से ही दूर-दूर तक नजर आती खेत…खेत के मेढ़ से बस्ता टांगकर दूर तक स्कूल का सफर सहित आसपास के नजारे अब भले ही बदलाव के दौर में  बदल गये हैं…. इन्हीं बदलाव में गाँव का वह स्कूल भी अब पहले जैसा नहीं रहा…भले ही कई स्कूल जहाँ संचालित थे, वहीं है लेकिन उन स्कूलों की दीवारें बदल गई है। छते बदल गई है, विद्यार्थी, शिक्षक भी बदल गए हैं..किताबें बदल गई है, ड्रेस बदल गया है…लेकिन कक्षा के भीतर मास्टरजी की सीख, बच्चों के शोर, शाला लगने और शाला से घर जाने सुनाई देने वाली घंटी की आवाजें, प्रार्थना, कतार…सबकुछ वैसा का वैसा ही तो है..। नई पहचान के साथ अब शहर से लेकर दूरस्थ गाँव तक के हर विद्यालय में क, ख, ग और ए, बी सी,डी की शोर सुनाई देती है, लेकिन यह शोर वह शोर नहीं.. जिन्हें सुनकर कान बन्द करने की नौबत आन पड़े…यह तो वह शोर है…जिसमे आने वाले भविष्य का कल छिपा है…इसे सुनकर पूरा गाँव निश्चिंत है..और खुश भी है कि उनके गांव के विद्यालय में मास्टरजी आ गये हैं। यह खुशी विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों में भी है कि उन्हें नई मैडम और नया सर मिल गया है। स्कूल आने-जाने का समय हो या फिर घर में अपने भाई-बहन, माता-पिता के बीच गुजरने वाला वक्त, स्कूल की नई मैडम और नये सर का जिक्र सबकी जुबां पर है। गांव के स्कूलों में पदस्थ होने के साथ ही शिक्षकों का भी मान सम्मान बढ़ने लगा है।


    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश भर में अपनाई गई युक्तियुक्त करण की प्रक्रिया से शहर से लेकर दूरस्थ गांव तक के सरकारी विद्यालयों मे पढ़ाई करने वाले गरीब विद्यार्थियों के भाग खोल दिये हैं। अतिशेष शिक्षकों के समायोजन से उन हजारों विद्यालयों को शिक्षक मिल गया है, जहां वर्षों से शिक्षक की कमी थी। प्रदेश के लगभग 6 हजार एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षको का समायोजन किया गया है, जिससे 4 हजार 721 विद्यालय लाभान्वित हुए है। वही युक्ति युक्तकरण से पूर्व प्रदेश भर में 453 शिक्षकविहीन विद्यालय थे। इन विद्यालयों में से 446 विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना कर राज्य शासन ने शिक्षक की कमी से वंचित विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने के साथ ही शिक्षको की गारंटी और पढ़ाई के साथ बच्चों की भविष्य भी सुनिश्चित कर दी है। कोरबा जिले  में 500 से अधिक शिक्षकों को शिक्षकविहीन, एकलशिक्षकीय-द्विशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। हाइ और हायर सेकंडरी विद्यालय के अतिशेष व्याख्याताओं को उन विद्यालयों में पदस्थ किया गया है, जहाँ गणित, रसायन, भौतिकी, हिंदी, अंग्रेजी, कामर्स विषयों के शिक्षकों की कमी थी। इससे पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा होगा।  

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  विद्यालयों में शिक्षक की पदस्थापना से विद्यार्थी भी खुश है। शहर से लगभग सौ किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच पंडोपारा में रहने वाले पंडो समाज गाँव में स्कूल में बनी शिक्षको की कमी से चिंतित थे, क्योंकि उनके बच्चे पाठशाला तो नियमित जाते थे, लेकिन विद्यालय में एकमात्र शिक्षक होने का खमियाजा भी बच्चों को भुगतना पड़ता था। आखिरकार जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में ऐसे शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों की सुध ली गई तो युक्ति युक्तकरण जैसी व्यवस्था ने घने जंगलों में बसे पंडो जनजाति के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की राह आसान कर दी। पंडोपारा के ग्रामीण मंगल सिंह पंडो ने बताया कि गाँव में स्कूल में दो शिक्षक होने से क्लास में सभी बच्चों की पढ़ाई तो होगी ही, अब कोई खाली नहीं बैठेगा। इसी विद्यालय में कक्षा चौथी के छात्र जगदेश्वर पंडो, तीसरी कक्षा के राजेन्द्र और दूसरी के मुकेश पंडो को भी खुशी है कि उनके स्कूल में नए गुरुजी पढ़ाने आ रहे हैं।

कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था। अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक शेखरजीत टंडन ने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला।
 करतला ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र में स्थित छोटे से गांव तिलईडबरा में भी शिक्षा की तस्वीर अब बदलने लगी है। वर्षों से शिक्षक की कमी से जूझते शासकीय प्राथमिक शाला में अब युक्तियुक्तकरण के तहत नियमित शिक्षिका संगीता कंवर की पदस्थापना की गई है, जिससे गांव में शिक्षा की नई रोशनी पहुंची है। शिक्षिका संगीता कंवर ने विद्यालय में पदभार ग्रहण करने के साथ ही बच्चों को पढ़ाना प्रारंभ किया। आज वे नियमित रूप से कक्षाएं ले रही हैं और बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दे रही है। शिक्षिका की उपस्थिति से  बच्चों का मन भी पढ़ाई में मन जम रहा और वे भी अध्ययन में रुचि ले रहे।  
 पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र मांचाडोली स्थित  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जीव विज्ञान विषय की शिक्षिका राजमणि टोप्पो की पदस्थापना की गई है। विद्यालय में लंबे समय से जीव विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय की विशेषज्ञ शिक्षक की कमी महसूस की जा रही थी। 12वीं  जीव विज्ञान के छात्र दीक्षांत दास मानिकपुरी ने कहा नई मैडम के आने से जीव विज्ञान विषय आसान हो गया है। पहले हम कोशिका, डीएनए, आरएनए, हार्मोन जैसे शब्दों के अर्थ को समझने में उलझे रहते थे। अब शरीर की बनावट, शारीरिक अंगों के क्रियाकलाप को बेहतर समझ पा रहे है। पादप, जंतु और  सूक्ष्म जीवों के सरंचनाओं की समझ बढ़ी है। अब हम उन्हें समझने की कोशिश करते हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षिका के आने से कक्षा की सोच  बदल गई है। अब हम सभी डॉक्टर, वैज्ञानिक बनने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।
इसी क्रम में ग्राम पचरा में संचालित हाई स्कूल में भी शिक्षको की कमी बनी हुई थी। विद्यालय में कक्षा नवमीं में 48 और कक्षा 10वीं में 25 विद्यार्थी है। विद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं विद्या, मानमती, सुहानी यादव ने बताया कि गांव के विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी विषय थोड़ा कठिन लगता है, गणित के शिक्षक पहले से हैं, अब हमारे स्कूल में अंग्रेजी के सर आ गए हैं। स्कूल में बहुत दूर-दूर के गाँव से लड़के-लड़कियां पढ़ाई करने आती है। सभी विषयों की पढ़ाई होने से हम लोग का मन भी स्कूल आने में होता है। यहां अंग्रेजी विषय में युक्तियुक्तकरण से गोपाल प्रसाद भारद्वाज पदस्थ हुए हैं। इसी तरह कोरबा ब्लॉक के चचिया में हायर सेकेण्डरी स्कूल में गणित और करतला के ग्राम केरवाद्वारी में भौतिक विषय की शिक्षिका पदस्थ हुई है। विद्यार्थियों को कठिन सा विषय लगने वाले गणित, भौतिक, अंग्रेजी सहित अन्य विषयों के व्याख्याता मिल जाने से विद्यार्थी बहुत खुश है।

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मानदेय शिक्षक भी निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर अजीत वसन्त द्वारा डीएमएफ से मानदेय शिक्षको की नियुक्ति अनेक विद्यालयों में की गई है। जिले के प्राइमरी स्कूल में 243,मिडिल स्कूल में 109 और हायर सेकंडरी स्कूल में 120 शिक्षको को मानदेय पर रखा गया है। ये शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। इन्हें विद्यालयों में शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया है। इसके अतिरिक्त संविदा से नियुक्त शिक्षक भी अध्यापन करा रहे हैं।

स्कूल भवनों सहित अन्य सुविधाओं पर भी दिया जा रहा है ध्यान

जिले के जर्जर विद्यालयों को मरम्मत के साथ ही आवश्यकता वाले स्थानों पर नवीन विद्यालय भवन, किचन शेड, टॉयलेट, बाउंड्रीवाल, साइकिल स्टैंड, न्यूज़ पेपर स्टैंड सहित अन्य सुविधाओं के लिए कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की गई है। स्कूलों में भृत्य के रिक्त पदों पर मानदेय में 310 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। खास बात यह भी है कि जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से संबंधित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया गया है। स्कूली विद्यार्थियों के लिए नाश्ते का वितरण और प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट, जेईई  सहित अन्य में प्रवेश के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था ने जिले में शैक्षणिक माहौल कायम किया है।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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